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Janmashtami 2020: ब्रज में जन्मे कृष्ण कन्हाई, घर-घर बजी बधाई, पहली बार सरयू के जल से हुआ अभिषेक

Thu, 13 Aug 2020 12:57 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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कृष्ण जन्मोत्सव की तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
ब्रज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मथुरा में बुधवार रात 12 बजते ही श्रीकृष्ण  जन्मस्थान पर कन्हैया का जन्म हुआ। इस दौरान मूसलाधार बारिश हो रही थी। ऐसा दृश्य था मानो इंद्रदेव कान्हा का जलाभिषेक कर रहे हों। ‘नंद के आनंद भयो जै कन्हैया लाल की...’ जयकारे गूंजने लगे। जन्म होते ही ठाकुरजी का पंच गव्य से स्नान किया गया। गाय के दूध से अभिषेक होने के बाद ठाकुरजी का दही, घी, बूरा, शहद और दूध से दिव्य अभिषेक हुआ। पहली बार सरयू के जल से भी श्रीकृष्म का महाभिषेक किया गया। इसके साथ ही कान्हा की नगरी का राम नगरी अयोध्या से विशेष नाता जुड़ गया। यह पहला मौका है, जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बिना भक्तों के मनाया गया। कोरोना के कारण मंदिरों में भक्तों के प्रवेश पर रोक है। 
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श्रीकृष्ण का अभिषेक करते संत और सेवायत - फोटो : अमर उजाला
कान्हा का जन्म होते ही मंदिर परिसर के साथ ही ब्रज के घर और गलियां नंद के लाला की जय, यशोदानंदन और देवकीनंदन के जयघोषों से गूंज उठे। हर किसी की चाह थी तो बस अपने आराध्य की एक झलक पाने की, लेकिन यह आस केवल टेलीविजन पर ही पूरी हो सकी। रात्रि में अजन्मे के प्राकट्य के साथ ही महाआरती हुई और ठाकुर जी को मोछर्लासन में विराजमान कर अभिषेक स्थल तक लाया गया। 
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गाय के दूध से किया गया कन्हैया का अभिषेक - फोटो : अमर उजाला
बुधवार रात्रि 12 बजे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और श्री कृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के सानिध्य में श्रीकृष्ण जन्म स्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने ठाकुर जी का अभिषेक प्रारंभ किया। दूध, दही, शहद, घी, बूरा, गंगा, यमुना और सरयू के पावन सुवासित जल आदि से सेवायतों ने चांदी की 51 किलो की कामधेनु गाय के पयोधरों से आराध्य का पंचामृत अभिषेक कराया।

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सूप में विराजे बालगोपाल - फोटो : अमर उजाला
रात्रि 11 बजे श्रीगणेश और नवग्रह का पूजन किया गया। रात्रि 12.40 से 12.50 बजे तक शृंगार के दर्शन भक्तों ने किए। मंदिर के कपाट रात्रि 1 बजे बंद हुए। ठाकुरजी ने पुर्णेंदु कुंज बंगले में रेशम, जरी एवं रत्न प्रतिकृति के सुंदर संयोजन से बनी पुष्प-वृंत्य पोशाक धारण कर दर्शन दिए। कोरोना संकटकाल को देखते हुए ब्रजवासी भक्तों ने अपने घरों पर ही दिव्यता और श्रद्धाभाव के साथ अपने आराध्य श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया। यह उत्सव ठीक उसी तरह मनाया गया, जिसके लिए ब्रज के घरों और गलियों की पहचान है।
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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव - फोटो : अमर उजाला
ब्रज में जमकर बरसे मेघ 
योगीराज का ब्रज की इस पावन धरा पर जन्मोत्सव मनाया जा रहा था, उधर आसमान से मेघ बरस रहे थे। दोपहर से ही काली घटाओं ने ब्रज के आंगन को ढक लिया था। कड़कड़ाती बिजली के साथ तेज और ठंडी हवाओं ने लोगों को आनंदित किया। कान्हा के भक्त गलियों और सड़कों पर अपने लाडले के आने का इंतजार कर रहे थे, तभी आसमान से मेघ भी जमकर बसरे। 
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर - फोटो : अमर उजाला
दीपमालाओं से झिलमिलाया श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रांगण
योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिवस के अवसर भव्य दीपदान का भी आयोजन किया गया। भगवान के जन्म की बेला से पूर्व रात11 बजे संपूर्ण मंदिर प्रांगण में सहस्त्रों दीपक अर्पित किए गए। सहस्त्रों दीप के प्रकाश से जगमगाती भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के अलौकिक और विहंगम दर्शन करा रही थी। 
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में बिखरी सतरंगी छटा - फोटो : अमर उजाला
पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य दिवस पर श्री कृष्ण जन्मस्थान परिसर में पुष्पांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री कृष्ण जन्म भूमि परिसर के भागवत भवन में भजन गायक राजीव चोपड़ा ने भजनों की प्रस्तुति से ठाकुरजी को रिझाया। उन्होंने ‘बड़ी देर भई नंदलाल, तेरे द्वार खड़े ब्रज वाला..., मीठे रस से भरी री राधा रानी लागे, मन कारो कारो यमुना जी को पानी लागे’ आदि भाजन सुनाकार वातावरण को भक्तिमय बना दिया ।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा - फोटो : अमर उजाला
हजारों मंदिरों और घरों में मना लाला का जन्मोत्सव 
ब्रज के हजारों मंदिरों के अलावा ब्रजवासियों के घर-घर में ब्रज के लाडले कान्हा का जन्मोत्सव मध्यरात्रि में हुआ। ठीक 12 बजते ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर के भागवत भवन स्थित राधा-कृष्ण मंदिर सहित सभी मंदिरों, शहर के सभी प्रमुख बाजारों व श्रद्धालुओं के घरों से घंटे-घड़ियालों व शंखनाद गुंजायमान हो उठे। काफी देर तक हर तरफ से जयकारों के स्वर सुनाई देते रहे। ब्रज के लाला के जन्मोत्सव की बधाई के जयकारे दूर-दूर तक सुनाई दे रहे थे।
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