जम्मू के कटड़ा स्थित मां वैष्णो देवी भवन मार्ग पर मंगलवार को हुए भीषण हादसे में रकाबगंज स्थित कुम्हार पाड़ा निवासी जूता कारीगर दीपक कुमार का परिवार भी हादसे का शिकार हुआ है। कारीगर की मां सुनीता देवी (50), बेटी सेजल (11 माह) और पत्नी की बहन भावना (11) की मौत हो गई। वह 24 अगस्त को बेटी का मुंडन कराने परिवार के 9 सदस्यों के साथ जम्मू गए थे।
11 महीने की बेटी और साली की जान चली गई। मां भी नहीं बची हैं जबकि पिता लापता हैं। मैं तो बस दो मिनट के लिए शौचालय गया था। तभी भूस्खलन हो गया। इसके बाद सारा मंजर बदल गया और उनकी आंखें अपनों को खोजती रही। जीजा-बहन और बड़ी बेटी आगे चल रहे थे। वह किसी तरह बच गए। यह बोलते हुए जूता कारीगर दीपक फूट-फूटकर रोने लगता हैं। बृहस्पतिवार दोपहर को उनके पास बहन नीलम सहित परिवार के अन्य लोग पहुंच गए। इसके बाद पत्नी मोना के इलाज और पिता अर्जुन सिंह की तलाश में लगा हुआ हैं।
बहनोई प्रमोद ने बताया कि परिवार साले दीपक के पास पहुंच, तो पता चला कि वो भी परिवार के साथ पैदल यात्रा कर रहे थे। हादसे से दो मिनट पहले रास्ते में दीपक टायलेट करने चले गए थे। मां सुनीता, बेटी सेजल, साली भावना और पिता अर्जुन सिंह बाहर खड़े रहे। जबकि दीपक की बड़ी बेटी एंजिल अपनी बुआ याशमिन और फूफा मोहित के साथ कुछ आगे चली गई। तभी एकदम से तेज आवाज आई।
दीपक ने परिवार के लोगों को बताया कि वह समझ नहीं पाए कि क्या हुआ। दो मिनट में ही भयावह मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई। चारों तरफ अफरातफरी मची हुई थी। उन्होंने दूर से अपनों को देखा, लेकिन कोई नजर नहीं आया। इसके बाद पुलिस आई और बचाव कार्य शुरू हो सका। अस्पतालों में पता करने के बाद बेटी, मां और साली की माैत की जानकारी हुई। पिता का अब तक पता नहीं चल सका है।
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ढहा हुआ तवी का चौथा पुल का हिस्सा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता की तलाश में कराया एनाउंस
प्रमोद ने बताया कि परिवार के लोग माोना के इलाज मे जुटे हैं। वह आईसीयू में भर्ती हैं। वहीं अर्जुन सिंह की भी तलाश हो रही है। शव बरामद हो रहे हैं, लोग देखने जा रहे हैं। अर्जुन सिंह के नाम का एनाउंस भी उन लोगों ने करवाया है, जिससे वो सुरक्षित होंगे तो सुनकर परिवार से मिल लेंगे। शुक्रवार को तीनों के शव परिवार के लोग आगरा ला सकते है।
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गली में मौजूद लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुम्हारपाड़ा में नहीं जले चूल्हे, सिसकियां तोड़ रहीं सन्नाटा
रकाबगंज थाने से 200 मीटर की दूरी पर स्थित कुम्हारपाड़ा की संकरी गली में सन्नाटा पसरा रहा। गली में 50 मीटर अंदर जाते ही लोगों की भीड़ थी। कुछ शांत बैठे थे तो कुछ बुद्ध विहार भवन में गमगीन परिवार को सांत्वना दे रहे थे। गली में सिसकियों की आवाज बार-बार सुनाई दे रही थी। जम्मू के कटरा में हुए भूस्खलन में एक परिवार के 3 लोगों की माैत पर बृहस्पतिवार को क्षेत्र के लोग पीड़ित के घर पर जुटे रहे।
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विलाप करती महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन लोगों की मौत
जम्मू के कटरा में मंगलवार को हुए भूस्खलन में कुम्हारपाड़ा के जूता कारीगर दीपक की 11 माह की बेटी सेजल, मां सुनीता और साली भावना की मृत्यु हो गई, जबकि उनके पिता अर्जुन सिंह लापता है। दीपक की पत्नी माैना का पैर कट गया। बड़ी बेटी एंजिल बुआ याशमीन और फूफा मोहित बच गए। हादसे की जानकारी होने पर परिवार के लोग बुधवार दोपहर जम्मू के लिए रवाना हो गए थे। वह घायल और शवों को घर लाने के लिए जम्मू प्रशासन से वार्ता कर रहे हैं।
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घर मौजूद महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नहीं जले चूल्हे
घटना के बाद से आसपास के घरों में चूल्हे नहीं सुलगे हैं। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि हंसी खुशी यात्रा के लिए निकले परिवार के साथ दुखद हादसा हुआ। तीन की मृत्यु और एक के लापता होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा जो लोग वहां गए हैं, उनसे नेटवर्क समस्या की वजह से वार्ता नहीं कर पा रही। इससे ज्यादा जानकारी भी नहीं मिल रही। घर में अर्जुन सिंह की दो बेटियां पूजा और रीना का रो-रोकर बुरा हाल है। मां और बेटियों को याद करके आंसू बहा रही हैं। दोनों बहनें यही कह रही है कि किस घड़ी में वो चली गई जो अब वापस नहीं आएंगी। उनका दुख देखकर हर कोई रो रहा है। घर पर दिनभर रिश्तेदार और अन्य लोगों का आना-जाना लगा रहा।
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परिवार के लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेेंसी
बेटियों का मुंडन कराने गया था परिवार
परिवार के लोगों ने बताया कि दीपक की बड़ी बेटी एंजिल तीन साल की हो गई है जबकि सेजल 11 माह की थी। बड़ी बेटी का मुंडन नहीं करा पाए थे। इसलिए इस बार सेजल के एक साल का होने से पहले जम्मू जाकर दोनों बेटियों का मुंडन कराना चाहते थे। 24 अगस्त को परिवार के नौ लोग घर से जम्मू के लिए रात 11 बजे निकले थे। इसके बाद परिवार के लोगों की बात नहीं हो पाई। जम्मू के कटरा में सिम के कार्य नहीं करने की वजह से बात नहीं हो पा रही थी। 26 अगस्त को परिवार हादसे का शिकार हो गया। दिल्ली में रहने वाली दीपक की बहन नीलम के पास फोन आने से जानकारी हो सकी थी।
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जानकारी देते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मिलनी चाहिए सरकारी मदद
पड़ोसी अशोक कुमार ने बताया कि शवों को कब लेकर आया जाएगा, यह पता नहीं चल पा रहा है। बस इंतजार ही कर रहे हैं। परिवार काफी गरीब हैं। सरकारी मदद मिलनी चाहिए।
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जानकारी देते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो कमरों के मकान में जिंदगानी
अर्जुन सिंह की साली के बेटे धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि माैसा का दो कमरों का मकान है। भूतल पर वो रहते हैं, जबकि पहली मंजिल पर उनके भाई का परिवार रहता है। मकान में दो कमरों में परिवार के 6 सदस्य रहते हैं। अर्जुन सिंह और दीपक जूते की मजदूरी करते हैं। पिछले दिनों कर्ज के लिए मकान को गिरवीं रख दिया। कर्ज चुकाने के बाद जो रकम बचती है, उससे परिवार का खर्च चल रहा था।
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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर नहीं मिली राहत
मोहल्ले के चंद्रप्रकाश ने बताया कि घटना के बाद मदद के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल किया था। कॉल रिसीव करने वाले ने नाम और पता पूछ लिया। बाद में कहा कि किसी तरह की मेडिकल सहायता चाहिए तो बताएं। उन्होंने कहा कि वह परिवार के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। मोहल्ले में भी थाना रकाबगंज की फोर्स पहुंची।