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महिला दिवस पर 'नारी शक्ति' को तोहफा: ताजमहल समेत सभी स्मारकों में निशुल्क प्रवेश

Mon, 08 Mar 2021 10:00 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • महिला दिवस पर ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी समेत सभी स्मारकों में नि:शुल्क प्रवेश
  • महिला दिवस पर भारतीय हों या विदेशी, सभी महिलाओं को नि:शुल्क प्रवेश दिया जाएगा
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ताजमहल में सेल्फी खींचती महिला पर्यटक - फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज ताजमहल समेत देशभर के स्मारकों में महिलाओं के लिए नि:शुल्क प्रवेश है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी समेत सभी स्मारकों में नि:शुल्क प्रवेश का तोहफा दिया है। एएसआई ने इसके आदेश जारी किए हैं। अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि मंत्रालय से आदेश आ चुके हैं। महिला दिवस पर भारतीय हों या विदेशी, सभी महिलाओं को नि:शुल्क प्रवेश दिया जाएगा। स्मारकों में प्रवेश के लिए उन्हें टिकट बुक करने की जरूरत नहीं है।
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ताजमहल में पर्यटक - फोटो : अमर उजाला
उर्स: ताज में तीन दिन तक असली कब्रें देख पाएंगे पर्यटक
ताजमहल में शहंशाह शाहजहां और मुमताज की भूमिगत असली कब्रों को देखने का मौका मंगलवार से मिलेगा। पर्यटक 10 से 12 मार्च के बीच असली कब्रों को देख पाएंगे। शाहजहां के 366वें उर्स पर 10 और 11 मार्च को दोपहर दो बजे के बाद और 12 मार्च को सुबह से शाम तक पर्यटक नि:शुल्क प्रवेश कर पाएंगे।
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ताजमहल में शाहजहां-मुमताज के कब्रों की प्रतिकृति - फोटो : Amar Ujala
दो साल बाद सैलानियों को असली कब्रें देखने का मौका मिल पाएगा। बीते साल कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन में ताजमहल उर्स की तारीखों में बंद था। ऐसे में दो साल बाद ही पर्यटकों को तीन दिन तक शाहजहां मुमताज की कब्रें देखने का मौका मिलेगा।

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ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
1400 मीटर सतरंगी चादर तैयार
खुद्दाम ए रोजा कमेटी ने ताजमहल में शाहजहां के उर्स के लिए 1400 मीटर की सतरंगी चादर तैयार कराई है। बीते साल कोरोना के कारण शाहजहां का उर्स नहीं मनाया गया था। 
 
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धूप में दमकता ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
ये होंगे कार्यक्रम
कमेटी के अध्यक्ष ताहिरुद्दीन ताहिर ने बताया कि अगर एएसआई और प्रशासन सतरंगी चादर को उर्स में चढ़ाने की अनुमति दे देते हैं, तभी चादरपोशी की जाएगी। बिना अनुमति के चादरपोशी नहीं करेंगे। कमेटी के रिजवानुद्दीन ने बताया कि 10 मार्च को गुस्ल, 11 मार्च को संदल, कुरआनख्वानी होगी। 12 मार्च को सुबह से ही चादरपोशी की जाएंगी।
 
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