मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर गुरुवार को एक निजी विमान की आपात लैंडिंग कराई गई। एक्सप्रेसवे पर लैंडिंग का यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले 21 मई साल-2015 में भारतीय सेना के लड़ाकू विमान मिराज-2000 की लैंडिंग कराई गई थी। दो बार एक्सप्रेसवे को छूते हुए इस लड़ाकू विमान ने उड़ान भरी थी। भारतीय वायुसेना समय-समय पर ऐसे स्थलों को परखती है, जिससे यहां से लड़ाकू विमान उड़ान भर सकें। पाकिस्तान से तनातनी के मध्य भारतीय सेना ने एक्सप्रेसवे को परखा था। भारतीय सेना ने लड़ाकू विमान के लिए एक्सप्रेसवे को सफल माना था। उसके बाद आगरा और नोएडा में भी ऐसे लड़ाकू विमान को उतारकर भारतीय सेना ने हकीकत को परखा था। गुरुवार को भी इंजन की पावर सप्लाई में आई दिक्कत के चलते दो सीटर एयरक्राफ्ट के कैप्टन ने एक्सप्रेसवे को आपातकालीन लैंडिंग के लिए उचित माना। सकुशल लैंडिंग होने पर कैप्टन और ट्रेनी पायलट सकुशल बच गए। एक बार फिर यह साबित हो गया कि एक्सप्रेसवे देश की सुरक्षा में काफी मददगार हो सकता है।