तीन तलाक का मामला सुलहकुल की नगरी आगरा में भी मुस्लिम समाज की महिलाओं पर हुए जुल्म की कई कहानियां समेटे है। यहां आसपास के जिलों में भी छोटी सी बात पर पति के तलाक देने के मामले सामने आए। देखिए तीन लफ्जों के कैसे जख्म सह रहीं महिलाएं...
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तीन तलाक
- फोटो : अमर उजाला
ग्वालियर की रहने वाली गुलप्सा को उसके सिपाही शौहर ने पत्र में तीन तलाक लिखकर भेजा और छोड़ दिया। उसका बेटा भी शौहर के पास ही है। वह अकेली अपना हक पाने के लिए दर-दर की ठोकर खा रही है। वह मुख्यमंत्री कार्यालय तक फरियाद लेकर जा चुकी है लेकिन आजतक कहीं से न्याय नहीं मिला है।
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फिरोजाबाद, तीन तलाक
- फोटो : self
फिरोजाबाद के रसूलपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला दुर्गेशनगर की रुकईया बेगम ने मोहल्ले में ही रहने वाले मुईनउद्दीन से प्रेम विवाह किया था। कुछ दिन बाद मुईनउद्दीन एक लड़की से आए दिन फोन पर बात करने लगा। इसका विरोध रुकईया बेगम ने किया तो दंपति के बीच विवाद शुरू हो गया। पीड़िता का आरोप है कि उसका शौहर मुईन अपनी ममेरी बहन से निकाह करना चाहता है। एक दिन पति मारपीट करते हुए उसे तीन तलाक देकर घर से चला गया।
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तीन तलाक
- फोटो : SELF
वहीं फिरोजाबाद की अफसाना ने पति के अवैध संबंध का विरोध किया तो उसको तलाक की धमकी देकर घर से निकाल दिया। वहीं फिरोजाबाद कही शाजिया को तो बेटी के लिए 20 रुपये मांगने पर शौहर ने पीटा और तीन तलाक दे दिया।
अब इन महिलाओं को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नई उम्मीद दिखाई दी है। पति से मिले धोखे के बाद अपने वजूद के लिए लड़ रहीं महिलाओं के लिए तीन तलाक को असंवैधानिक करार देने का फैसला नए जीवन से कम नहीं है।