गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के गांव आन्यौर में दूषित पानी पीने से 100 से भी ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं। पेट दर्द, उल्टी-दस्त और बुखार से सभी पीड़ित हैं। बीमारों में बच्चों और महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। कोई घर ही ऐसा होगा जहां कोई बीमार न हो। बुधवार को चिकित्सकों की टीम गांव में पहुंची और शिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सकों ने सभी के एक साथ बीमार होने की वजह दूषित पानी माना है। वहीं प्रशासन की टीम ने पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है।
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अस्पताल में दूषित पानी से बीमार बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
पिछले करीब दस दिनों से इस गांव में लोग बीमार हो रहे हैं। लेकिन दो दिनों से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई। बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही मरीजों की संख्या बढ़ गई। जब हर घर में मरीज हुए तो हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को दी। तब टीम पहुंची और लोगों का उपचार किया। एसडीएम गोवर्धन नागेंद्र प्रताप ने बताया कि अस्पताल में सभी का उपचार कराया गया है। पानी की जांच कराई जा रही है। डाक्टरों की एक टीम गांव में तैनात कर दी गई है।
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गांव में एकत्रित महिलाएं और बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
गांव में चंदा, राधा, लखन, माधव, भारती, भरत, चंचल, राजू, तपेश, आदित्य, राधा और पल्लवी की हालत खराब है। यह सभी बच्चे हैं। आज सुबह ही इनकी हालत बिगड़ी। सभी को उल्टी होने लगी और पेट में दर्द की शिकायत की। इनमें से कुछ को सरकारी अस्पताल में तो कुछ को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
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अस्पताल में दूषित पानी से बीमार बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
आन्यौर गांव के ओमप्रकाश, राजेंद्र सिंह और गिरिराज सिंह का कहना है कि पिछले कई दिनों से पानी खराब आ रहा था। अजीब सी गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने सोचा कि हो सकता है उन्हें ही ऐसा लग रहा हो। लेकिन जब बीमार लोगों की संख्या बढ़ती गई तो हड़कंप मच गया। प्रशासनिक अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें तो याद नहीं है कि कभी टंकी की सफाई भी हुई होगी। यही वजह है कि पानी दूषित होता जा रहा है।
अस्पताल में दूषित पानी से बीमार महिला
- फोटो : अमर उजाला
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी रूपेश सिंह ने बताया कि उन्होंने बीमार लोगों का उपचार किया है। अभी तक जो पता चल रहा है उसके मुताबिक पानी दूषित है। क्योंकि एक साथ इतने लोग अचानक बीमार नहीं हो सकते। गांव की टंकी का पानी लोगों को फिलहाल इस्तेमाल न करने की सलाह दी जा रही है। सप्लाई रुकवाने को कहा गया है।