द्वारिकाधीश मंदिर में ढप के पूजन के बाद परिसर होली के रंगों से सतरंगी हो गया। सोमवार को फाल्गुन माह की प्रतिपदा से रसिया गायन शुरू हुआ। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने रसिया गायन का आनंद उठाया। द्वारिकाधीश मंदिर में रसिया गायन द्वारकेश रसिया मंडल के कलाकारों ने किया। इसके बाद मंदिर में गुलाल उड़ाया गया।
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द्वारकाधीश मंदिर में श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
द्वारिकाधीश मंदिर में होली की वसंती बहार में सराबोर होकर श्रद्धालु जमकर नाचे। भक्त अपने आराध्य के प्रसादी रूपी गुलाल को शरीर पर डलवाकर धन्य हो गए। भक्त जन ठाकुरजी के आंगन में नृत्य कर अपने आराध्य को रिझाने का प्रयास कर रहे थे। एक-दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर ब्रज की होली के रसिया का आनंद ले रहे थे।
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द्वारिकाधीश मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
द्वारिकाधीश मंदिर में सुबह 10 से 11 बजे तक द्वारकेश रसिया मंडल के प्रमुख चुन्नीलाल, वाह छोटू पंडा आदि ने ठाकुरजी को ब्रज के प्रमुख रसिया जो रस बरस रहौ या ब्रज में वो रस तीन लोक में नाए...,ऐसी होरी में लग जाए आग री कैसो चटक रंग डालो और आज बिरज में होरी रे रसिया बरजोरी रे रसिया सुनाए गए।
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द्वारकाधीश मंदिर में श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि ठाकुर मंदिर द्वारिकाधीश में पड़वा के दिन से प्रारंभ हुआ रसिया गायन का कार्यक्रम निरंतर एक माह तक चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि होली के सभी कार्यक्रम पुष्टिमार्गीय संप्रदाय में तिथि, घड़ी, पल और नक्षत्र के हिसाब से आयोजित होते हैं।
बरसाना के श्रीजी मंदिर में उड़ता रंग गुलाल
- फोटो : अमर उजाला
इसी परंपरा के अनुसार रंग भरनी एकादशी और त्रयोदशी के दिन ठाकुर जी का बगीचा और पड़वा के दिन होरी महोत्सव (ढोल महोत्सव) मनाया जाएगा। इससे पूर्व सोमवार को ढप का पूजन मंदिर के अधिकारी वैद्य अशोक कुमार शर्मा और मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने संयुक्त रूप से किया। पूजन मंदिर के सेवा अधिकारी अजय भट्ट ने कराया।