मथुरा में जहां कन्हैया ने गोपियों के अंग-अंग को श्याम रंग से मदहोश कर दिया हो, उसी ब्रज में उनके जन्मस्थान पर शुक्रवार को रंगों से सराबोर ब्रजवासियों ने धूम मचा दी। ढोल ओर नगाड़ों की थाप पर देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस कदर नाचे जैसे वह अपने कन्हैया के साथ ही थिरक रहे हों। चारों और अबीर-गुलाल और केसर मिश्रित रंगों की बारिश होती रही।
रंगभरनी एकादशी पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर होली का भव्य आयोजन किया गया। जन्मस्थान के उत्तर मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने के लिए दोपहर से ही श्रद्धालुओं की कतार जन्मस्थान के बाहर गेट संख्या एक पर लग गई। जैसे ही मंदिर प्रशासन ने अंदर जाने की अनुमति दी श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। दोपहर दो बजे ब्रज के प्रमुख संतों में से एक कार्ष्णि गुरुशरणा नंद महाराज ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसी के साथ मंच पर मौजूद कलाकारों ने संगीतमय प्रस्तुतियां शुरू कर दीं। चंदा छुप मति जइयो आज श्याम संग होरी खेलूंगी। आज बिरज में होरी रे रसिया, होरी खेलन आयौ श्याम आज जाये रंग में बौरो रे आदि भजनों पर मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ श्रद्धाल गुलाल उड़ाते रहे और झूमते रहे।