होलिका दहन से पहले मंदिर प्रांगण में सात प्रकार की होली खेली गई। देवकीनंदन महाराज ने चंदन गुलाल लगाकर इसकी शुरूआत की। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच फूलों की होली, लड्डु जलेबी होली, रसिया गायन होली, भजन नृत्य होली, लठामार होली, गुलाल की होली और अंत में टेसु के रंगों की होली खेली गई।
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हाईड्रोलिक पिचकारी से देवकीनंदन महाराज ने टेसू का रंग बरसाया
- फोटो : अमर उजाला
ठाकुर श्रीप्रियाकांत जू मंदिर में ब्रज की सातों प्रकार की होली खेली गयी। श्रद्धालुओं से खचाखच भरे मंदिर प्रांगण में जब हाइड्रोलिक पिचकारी से टेसू का रंग बरसा तो फाग के गीत जीवन्त हो गये। देवकीनंदन महाराज के साथ श्रद्धालु व शिष्यों ने ब्रज के प्रमुख महोत्सव का आनंद लिया। ब्रजवासियों की रसीले हास परिहास से शुरू हुई होली लठामार और फूलों की होली में बदल गयी।
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होली महोत्सव में उमड़े हजारों भक्त
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छटीकरा मार्ग स्थित प्रियाकान्त जू मंदिर पर होली महोत्सव में उमड़े हजारों भक्तों पर जब भागवत प्रवक्ता देवकीनंदन महाराज ने हॉइड्रोलिक पिचकारी से रंग बरसाया तो श्रद्धालु झूमकर नृत्य करने लगे। टेसू के फूलो से बने सुगंधित रंग की धार जिस भी श्रद्धालु पर पड़ी वह ब्रज की मस्ती में खो गया। वृंदावन में होली की कृष्णकालीन परम्परा और गहरी हो गयी।
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देवकीनंदन महाराज ने गाये भजन
- फोटो : अमर उजाला
प्रियाकान्त जू विग्रह पर गुलाल लगाकर मंदिर सेवायतों ने होली की शुरूआत की। मंदिर परिसर में ढोल नगाढ़े बजाकर श्रद्धालुओं में होली मनाने की घोषणा की गई। देवकीनंदन महाराज ने ब्रज की यह होरी रसभरी......, तोय सौं कन्हैया, मोय रंग मत डारो....’ आज ब्रज में होरी रे रसिया....जैसे मधुर भजन गाये तो श्रद्धालु नृत्य करने लगे।
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श्रीराधा-कृष्ण स्वरूपों पर भक्तों ने की पुष्पों की वर्षा
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मंच पर लोक कलाकारों के मीठी ब्रजभाषा में हास -परिहास का क्रम लठामार होली में परिवर्तित हो गया। इस बीच श्री राधा-कृष्ण स्वरूपों पर भक्तों ने पुष्पों की वर्षा कर फूलों की होली खेली। होली की खुशी में लड्डू और जलेबी लुटायी गयीं भक्तों ने लपक लपक कर प्रसाद पाया। श्रद्धालुओं ने एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर होली की बधाई दी।
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देवकीनंदन महाराज ने टेसू का रंग बरसाया
- फोटो : अमर उजाला
इसके पश्चात मंदिर अट्टालिका पर लगी हाईड्रोलिक पिचकारी से देवकीनंदन महाराज ने टेसू का रंग बरसाया। इस सुगंधित रंग में भीगने को हर किसी मे ललक दिखायी दी। श्रद्धालु भींगते हुये नृत्य करने लगे और ब्रज की अनूठी होली में खो गये।
श्रीप्रियाकांत जू मंदिर आईं महिला भक्त
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देवकीनंदन महाराज ने होली को प्रेम का त्योहार बताते हुये कहा कि होली सभी राग द्वैष को भुलाकर एक दूसरे से प्रेम करने का अवसर प्रदान करती है। ब्रज की होली पूरी दुनियां को स्नेह और खुशी बढ़ाने का संदेश देती है। इस अवसर पर विश्व शांति सेवा चैरीटेबल ट्रस्ट सचिव विजय शर्मा ने आभार व्यक्त किया। मंदिर प्रबंधक रवि रावत, गजेन्द्र सिंह, विष्णु शर्मा आदि उपस्थित रहे।