आगरा कॉलेज के मैदान पर आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का 65 वां अधिवेशन संगठन के लिए कई मायनों में एतिहासिक रहा। करीब 16 वर्ष तक राष्ट्रीय संगठन मंत्री रहे सुनील आंबेकर को नई जिम्मेदारी दिए जाने और उनकी जगह आशीष चौहान को राष्ट्रीय संगठन मंत्री बनाए जाने की घोषणा की गई। यह अधिवेशन राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर छात्रा के काबिज होने के नाते भी एतिहासिक बन गया है।
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आशीष चौहान को बधाई देते एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस सुबैय्या
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संगठन से जुड़े लोगों का कयास है कि आगरा के अधिवेशन में आशीष चौहान को जो पिच मिली है, उस पर लंबी पारी खेल सकते हैं। कारण, उनकी उम्र कम है। सुनील आंबेकर को भी कम उम्र में राष्ट्रीय महामंत्री का दायित्व मिला था, उन्होंने खुद को साबित किया और इस पद पर लंबी पारी खेली।
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एबीवीपी की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी
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संगठन के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी छात्रा को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। निधि त्रिपाठी ने इसी अधिवेशन में घोषणा के बाद राष्ट्रीय महामंत्री का कार्यभार संभाला। 66वां राष्ट्रीय अधिवेशन महाराष्ट्र के कोंकण प्रांत में होगा। इसकी घोषणा सोमवार को 65वें राष्ट्रीय अधिवेशन के आखिरी दिन संगठन की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने की।
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एबीवीपी कार्यकर्ता
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एबीवीपी के राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतिम दिन 'महिला विमर्श और युवा' विषय पर भाषण सत्र हुआ। इसमें संगठन की अखिल भारतीय छात्रा प्रमुख ममता यादव ने कहा कि ईश्वर और स्त्री में ही निर्माण की शक्ति है। भगवान सृष्टि की और स्त्री मानव का निर्माण करती है। उन्होंने देश आज फिर से विश्व गुरु बनने लिए प्रशस्त है, इसका बड़ा कारण महिलाओं का सभी क्षेत्रों में योगदान है।
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एबीवीपी के नवनिर्वाचित पदाधिकारी
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राष्ट्रीय अधिवेशन में 'जीरो फूड वेस्टेज' मॉडल प्रस्तुत किया गया। देशभर के विभिन्न प्रांतों से करीब 1,350 कार्यकर्ता पहुंचे। 300 से अधिक ब्रज प्रांत के कार्यकर्ता व्यवस्था में लगे थे। अतिथियों, मीडिया को मिलाकर करीब 2,000 लोगों ने रोजाना जलपान और भोजन किया। अधिवेशन में अन्न का एक भी दाना बर्बाद नहीं होने दिया गया। कार्यकर्ताओं की टीम लगाकर यह सुनिश्चित किया गया कि एक भी व्यक्ति के प्लेट में खाना नहीं छूटे। कार्यकर्ता और पदाधिकारी इसे संदेश के रूप में लेकर गए।
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सेल्फी लेंती युवतियां
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एबीवीपी के 65 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर हिस्सा लेने आए कार्यकर्ता बहुत कुछ सीखकर गए। इसमें भोजन प्रबंधन, समय प्रबंधन, नुशासन प्रमुख रहा। सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भीड़ में भी किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। हर कार्यक्रम पूर्व निर्धारित समय पर ही शुरू और खत्म हुआ। सेवा भाव की सुंदर झांकी देखने को मिली।
एबीवीपी के राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतिम दिन व्यवस्था प्रचार सत्र के साथ ही एबीवीपी के 65वें राष्ट्रीय अधिवेशन के संपन्न होने पर कार्यकर्ताओं ने कुछ इस अंदाज में सेलीब्रेट किया।