मिशन शक्ति के तहत जीआरपी आगरा कैंट थाने में अतिथि थानेदार बनाई गईं हिमांशी गुप्ता ने आगरा कैंट स्टेशन पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं के बारे में जाना। बगैर मास्क दिखे यात्री को कोरोना के खतरे से आगाह किया और हिदायत भी दी। टिकट खिड़की पर यात्रियों की परेशानी पूछी। यह पूछा कि कोई दलाल तो रिजर्वेशन कराने को पैसा नहीं मांग रहा है।
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अतिथि थानेदार बनाई गईं हिमांशी गुप्ता को दी गई सलामी
- फोटो : अमर उजाला
सेंट मेरी कॉलेज की नौवीं की छात्रा हिमांशी बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे जीआरपी थाने पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें सलामी दी। इसके बाद उन्होंने थाने के शस्त्रागार, हेल्प डेस्क, आरपीएफ पोस्ट, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, यूवीएस सिस्टम, प्रीपेड बूथ का निरीक्षण किया।
हेल्प डेस्क के केबिन का निर्माण होते देखकर पूछा कि इतने दिनों से यह केबिन क्यों नहीं बन पाई। इसके बाद उन्होंने आगरा कैंट स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया और प्लेटफार्म पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। यहां प्लेटफार्म नंबर दो पर बगैर मास्क घूमते यात्री को रोककर पूछा कि मास्क क्यों नहीं लगाया। उसने जेब से मास्क निकाला तो बताया कि मास्क कोई सामान्य कपड़ा नहीं है। उसे कोरोना के खतरे से आगाह किया। हिदायत देकर उसे जाने दिया।
थाने में ऑटो चालक रमेश ने शिकायत की कि स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में पब्लिक टॉयलेट की समस्या है। इस पर उन्होंने रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराने को कहा। एक पुलिसकर्मी की वर्दी को ठीक करने को कहा।
लॉकडाउन में पुलिस के काम ने बदली सोच: हिमांशी
इस दौरान बातचीत में हिमांशी गुप्ता ने कहा कि पुलिस का काम बहुत चुनौतीपूर्ण है। वह बड़े होकर पुलिस अफसर बनना चाहती हैं, ताकि कमजोर लोगों की मदद कर सकें। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपने परिवार को भी समय नहीं दे पाते हैं, लेकिन समाज के लिए काम करना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में किए गए कार्यों से पुलिस के प्रति लोगों की सोच बदली है। शाम पांच बजे थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह चक ने अतिथि थानेदार हिमांशी को बुके और प्रमाणपत्र देकर धन्यवाद दिया।