अधिवक्ता केपी पंवार हत्याकांड में तीन और आरोपियों को जेल भेजा गया है। इनमें से एक मृतक का साला संजय है। उसके बैंक खाते से एक लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। वहीं हत्याकांड से पहले प्लॉट पर मौजूद रहे मुख्य आरोपी जीतू के दो साथी भी गिरफ्तार किए गए हैं। उन्हें घटनाक्रम के बारे में पता था, लेकिन पुलिस को जानकारी नहीं दी। सभी को आपराधिक षडयंत्र में शामिल होने का आरोपी बनाया गया है।
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पत्नी ममता और बेटी के साथ अधिवक्ता कपिल पंवार
- फोटो : अमर उजाला
सीओ छत्ता राजीव कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन नामनेर निवासी संजय मोहन और देवरी रोड निवासी भीकम सिंह अधिवक्ता के प्लाट पर जीतू के साथ मौजूद थे। जीतू ने सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर को हटाया था। यह बात दोनों को पता थी। लेकिन दोनों ने पुलिस को सूचना नहीं दी। छह नवंबर को विवेचक रहे इंस्पेक्टर सुनील दत्त ने मुकदमे में उनके नाम बढ़ा दिए। दोनों आपराधिक षड्यंत्र की साजिश की धारा में जेल भेज दिए गए।
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अधिवक्ता कपिल पंवार की हत्या के बारे में जानकारी एसएसपी और एसपी सिटी
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जीतू ने डीवीआर को उखाड़ने के बाद अपने पिता रमेश चंद को दी थी। उन्होंने उसे छिपा दिया। वह फरार है। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं पड़ताल में पता चला कि केपी यश के साले संजय के खाते से एक लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। इस पर 13 नवंबर को पुलिस ने उसको भी अभियुक्त बना दिया। पुलिस ने बुधवार को उसे जेल भेज दिया।
सास हो चुकी है गिरफ्तार
जीवनी मंडी के जाटनी का बाग निवासी अधिवक्ता कपिल पंवार उर्फ केपी यश 26 अक्तूबर को लापता हो गए थे। 27 अक्तूबर को उनका शव इटावा के भरथना में मिला। मामले में 29 अक्तूबर को पुलिस ने मृतक की सास शिमला पंवार, राहुल और अनवर को जेल भेजा था। पुलिस के अनुसार, सास ने टेढ़ी बगिया निवासी जीतू यादव की मदद से हत्या कराई थी।
अधिवक्ता हत्याकांडः अधिवक्ता कपिल पंवार की हत्या के आरोपी और सास
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जीतू ने बाद में फिरोजाबाद कोर्ट में समर्पण कर दिया। पुलिस ने जीतू को रिमांड पर लेकर अधिवक्ता की कार बरामद की। जीतू ने दो और लोगों के नाम बताए, नामनेर निवासी संजय मोहन और देवरी रोड निवासी भीकम सिंह।