डेढ़ घंटे हुई झमाझम बारिश से शहर टापू बन गया। सड़कों से लेकर कालोनियों तक में पानी ही पानी था। नया बस स्टैंड रेलवे पुल के नीचे इतना पानी भर गया कि आधी बस डूब गई। कई गाड़ियां फंस गईं। जो जहां था वहीं रुक गया। चंदनवन कालोनी में तो इतना पानी भर गया कि लोग घरों से बाहर भी नहीं निकल पा रहे थे। हां पिछले एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी से जरूर लोगों ने राहत महसूस की। मथुरा में हल्की फुल्की बूंदाबांदी को छोड़ दिया जाए तो झमाझम बारिश तो इस सीजन में पहली बार हुई है।
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मथुरा में रविवार को हुई बारिश
- फोटो : अमर उजाला
आसमान में बादल तो सुबह से ही थे लेकिन दोपहर को तीन बजे अचानक गड़गड़ाहट के साथ बारिश शुरू हो गई। भीषण गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन कुछ ही देर बाद बारिश मुसीबत बन गई। शहर का कोई रास्ता ऐसा नहीं था जहां पानी न भर गया हो।
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कई स्थानों पर पानी में डूबी गाड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
आर्य समाज रोड, छत्ता बाजार, कोतवाली रोड, मसानी, डीगगेट और नया बस स्टैंड से भूतेश्वर नाथ मार्ग तक पर पानी था। होलीगेट पर भी पानी भरा था। गोवर्धन चौराहे से भी निकलना मुश्किल हो रहा था। कई जगह तो वाहन फंस गए। इंडस्ट्रियल इलाके में पानी भर गया। लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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जगह-जगह हुआ जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम ने नाला सफाई को लेकर बड़े बड़े दावे किए थे। लेकिन पहली बरसात में ही सारे दावों की पोल खुल गई। पूरा शहर जलमग्न था। कोई चौराहा और सड़क ऐसी नहीं थी जहां पानी न हो। लोग परेशान होते रहे। कई स्थानों पर तो भरा पानी कम होने में पूरी शाम बीत गई लेकिन रास्ते साफ नहीं हो सके थे। लोगों का कहना था कि अगर नगर निगम ने पहले से इंतजाम किए होते तो आज यह हालात न होते। नालों की सफाई केवल कागजों में ही करा दी गई।
श्रद्धालु भी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हुए
- फोटो : अमर उजाला
दो घंटे के लगभग हुई बारिश से जगह-जगह पानी भर गया। सीएफसी चौराहा, पत्थरपुरा, धनीराम तिराहा, विद्यापीठ चौराहा, दाऊजी तिराहा, गोपीनाथ बाजार, बांकेबिहारी कालोनी आदि क्षेत्र में जलभराव हो गया। नालियों का पानी सड़कों पर हिलोरे मार रहा था, वहीं स्थानीय लोग व श्रद्धालु भी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हुए। प्रमुख चौराहे पर बाइक सवार व अन्य वाहन चालक पानी अधिक होने के कारण उसमें फंस गए।