फिरोजाबाद में बारिश के कारण प्रकाश टॉकीज के समीप संचालित पार्किंग जलमग्न हो गई। पार्किंग के अंदर खड़ी कारें पानी में डूब गई। इसकी जानकारी कार स्वामियों को हुई तो वह मौके पर पहुंचे। कारें पूरी तरह से पानी में डूबी होने के कारण वह कारों को निकाल नहीं सके। इससे उनमें आक्रोश फैल गया। दोपहर बाद उन्होंने प्रकाश टॉकीज के बाहर सर्विस रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित कार स्वामियों को समझाकर जाम खुलवा दिया।
सूर्यनगर बोधाश्रम के समीप सीटू चौधरी द्वारा निजी पार्किंग का संचालन किया जाता है। सड़क से करीब छह फीट नीचे बनी पार्किंग में बारिश के चलते जलभराव हो गया। इससे 50 से अधिक कारें पानी में पूरी तरह से डूब गई। सूचना पर कार स्वामी बारिश के बीच पार्किंग स्थल पर पहुंचे। पानी में डूबी कारों को बाहर नहीं निकाल सके। पार्किंग संचालक द्वारा दोपहर बाद तक पानी निकासी की व्यवस्था न किए जाने पर कार स्वामियों में आक्रोश फैल गया।
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बारिश के पानी से गुजरती कार
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने पार्किंग स्थल के बाहर सर्विस रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पर उत्तर थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार शर्मा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम खुलवा दिया। कार स्वामी जय प्रकाश बघेल, अर्जुन सिंह, मनोज कुमार और अंकित मित्तल ने बताया कि सुबह अगर पार्किंग संचालक द्वारा सूचना दे दी जाती तो कारों को बचा लिया जाता। लेकिन पार्किंग संचालक द्वारा न तो सूचना दी गई और पानी निकासी को भी कोई व्यवस्था की गई।
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जिधर देखो पानी ही पानी
- फोटो : अमर उजाला
बारिश ने यमुना की तलहटी के ग्रामीणों की बढ़ाई चिंता
बारिश ने यमुना की तलहटी के गांवों के वाशिंदों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश होने के साथ ही यमुना का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ा है। ग्रामीणों को चिंता है कि यमुना की तलहटी में बोई बाजरा, तिलहन एवं दलहन की फसल कहीं बर्बाद न हो जाए। अगस्त माह में औसत से कम बारिश होने के साथ 15 सितंबर तक मौसम काफी गरम रहा। बारिश कम होने के कारण सूखे के चलते जिला प्रशासन फसलों में हानि का आकलन कर रहा था। यमुना के किनारे के गांव के किसान परेशान थे कि उनकी बाजरा के साथ तिलहन, दलहन की फसलें नहीं बोई जा सकेंगी।
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बारिश के पानी में डूबी मिर्च की फसल
- फोटो : अमर उजाला
अब सता रही डूबने की चिंता
मौसम ने ऐसी करवट बदली कि जिन फसलों के सूखने की आशंका थी उनके डूबने की चिंता सताने लगी है। यमुना की तलहटी के गांव सोफीपुर, चंद्रवाड़, शंकरपुर, उस्मानपुर, फरौल नगरिया, कुर्रीकूपा, नादन, माली पट्टी, बांस झरना, भीकनपुर बझेरा, ग्वारई नगला सिंघी, गुदाऊं, वाजिदपुर कुतुकपुर, मुबारकपुर, ततारपुर, गढ़ी दानसहाय, मड़वा, उरावर हस्तर्फ, धीरपुरा, रुधऊ मुश्तकिल सहित आसपास के कई गांव शामिल हैं। ग्रामीण बारिश होने के साथ ही बाजरा, अरहर एवं अन्य फसलों में भरे पानी को निकालने में जुटे हैं।
बारिश आफत बन गई। देहात क्षेत्रों में 24 पोल टूट गए। कहीं-कहीं पेड़-टूटकर विद्युत तारों पर गिर पड़े। इस वजह से 300 गांवाें की सप्लाई 15 से 20 घंटे तक बंद रही। जलभराव के कारण दोबारा पोल लगाने में काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। कई बिजली घरों में पानी भर गया। अधीक्षण अभियंता हरीश बंसल ने भी मौके का मुआयना किया। मडिकल कॉलेज के समीप विद्युत लाइन पर पेड़ गिरने से विद्युत सप्लाई बंद हो गई। नगला सौंठ, रैपुरा, यूपीएसआईडीसी, फरिहा सहित अन्य क्षेत्रों में विद्युत पोल टूट गए। विद्युत तार भी दो दर्जन स्थानों पर टूटे। बारिश थमने के बाद ही राहत कार्य शुरु किया गया। 15 से 20 घंटे तक विद्युत सप्लाई न आने से लोग परेेशान दिखे। अधीक्षण अभियंता हरीश बंसल ने बताया कि 24 स्थानों पर विद्युत पोल टूट गए हैं। यार्ड में पानी भरा होने के कारण विद्युत सप्लाई चालू करने में समस्या आ रही है। कई स्थानों पर अभी भी विद्युत सप्लाई बंद हैं।