Aaj ka Mausam: मूसलाधार बारिश ने बुधवार को शहर का बुरा हाल कर दिया। दो घंटे में हुए रिकाॅर्ड 41.1 एमएम बारिश से गली, मोहल्ले और पाॅश काॅलोनियाें में लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। हाईवे पर भी पानी ही पानी दिखाई दे रहा था। बुधवार को बारिश के मामले में आगरा प्रदेश में अव्वल रहा। मूसलाधार बारिश ने शहरवासियों को गर्मी से राहत दी वहीं, जलभराव ने वाहनों की रफ्तार को थाम दिया। बारिश के बाद करीब दो घंटे तक पूरा शहर जाम से जूझता रहा। जलभराव में वाहन भी फंस गए। चालक वाहनों काे खींचते हुए नजर आए। वहीं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पानी भरने से व्यापारियों को खासा नुकसान हुआ। मौसम विभाग अगले तीन दिन तेज बारिश के आसार व्यक्त कर रहा है।
यहां-यहां हुआ जलभराव
बल्केश्वर स्थित गंगे गाैरी बाग कॉलोनी में जलभराव हो गया। ऐसे में लोगों को रास्ते से निकलना मुश्किल हो गया। पानी में जाने की वजह से वाहन बंद हो गए। ढाई फीट तक पानी भर गया। वाटर वर्क्स पर भी वाहनों की लंबी लाइन लग गई। हाईवे के सर्विस रोड पर सुल्तानगंज की पुलिया तक वाहन जाम में फंसे रहे। ट्रांस यमुना काॅलोनी फेज दो में गलियों में पानी भर गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने कहा कि नगर निगम नाला सफाई के दावे कर रहा है। हर बारिश में सड़कों पर पानी बहता नजर आता है।
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जलमग्न हुईं सड़कें
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टेढ़ी बगिया पर भी नालों के उफनने से गंदा पानी दुकानों में भर गया। नाला काजीपाड़ा, अलबतिया, आवास विकास कालोनी भावना क्लार्क्स इन, हलवाई की बगीची आदि मार्ग पर वाहन फंस गए। वहीं छावनी में भी कई स्थानों पर नाला उफान मारता रहा। वार्ड नंबर 2 स्थित रेनबो स्कूल में पानी भर गया।। इसके साथ टक्कर रोड, सदर, अल्लाह बक्श रोड, नंद टॉकीज और फूल सैय्यद चौराहा पर जलभराव से परेशानी हुई। वाहन फंस गए। राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया। सेनेटरी इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि जलभराव से राहत के लिए पंप सेट लगाए जा रहे हैं और नाले की सफाई कराई जा रही है, ताकि पानी की निकासी की जा सके।
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आफत की बारिश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अगले तीन दिन तेज बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र ने 13 जुलाई तक बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मानसून द्रोणी के पश्चिमी निम्न दाब क्षेत्र के धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर पश्चिमी दिशा में अग्रसारित होने से अगले 2-3 दिनों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है। बृहस्पतिवार को भी आगरा मंडल में भीरा वर्षा की संभावना मौसम विभाग व्यक्त कर रहा है।
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जमकर बरसे बदरा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जून और जुलाई में जमकर बरसे बदरा
तिथि बारिश
17 जून 33.8 मिमी
29 जून 28 मिमी
30 जून 63 मिमी
1 जुलाई 39 मिमी
9 जुलाई 41.4 मिमी
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सबसे ज्यादा आगरा में हुई बारिश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रदेश में बुधवार को सबसे ज्यादा आगरा में हुई बारिश
मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार बुधवार को आगरा में प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश हुई
नगर निगम की खोली पोल
आगरा में बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के नाला सफाई की पोल खोल दी। 2 घंटे की बारिश में जगह-जगह जलभराव हो गया। कई रास्तों पर एक फुट तक पानी भर गया। इस कारण कई वाहन फंस गए। कई मार्ग पर लोग अपने वाहनों को खींचते हुए नजर आए।
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आगरा में बारिश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गंगे गाैरी बाग में जलभराव
राधा नगर स्थित गंगे गाैरी बाग में जलभराव हो गया। ऐसे में लोगों को रास्ते से निकलना मुश्किल हो गया। पानी में जाने की वजह से वाहन बंद हो गए। 1 फुट तक पानी भर गया। बल्केश्वर में आईटीआई संस्थान के बाहर पानी भरने से जाम लग गया। वाटर वर्क्स पर भी वाहनों की लंबी लाइन लग गई। हाईवे के सर्विस रोड पर वाटर वर्क्स से सुल्तानगंज पुलिया तक वाहन फंस गए।
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डूब गई रेलवे लाइन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ट्रांस यमुना कालोनी फेज की गलियों में भी भर गया पानी
ट्रांस यमुना कालोनी फेज दो में गलियों में पानी भर गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने कहा कि नगर निगम नाला सफाई के दावे कर रहा है। हर बारिश में सड़कों पर पानी बहता नजर आता है। टेढ़ी बगिया पर भी नालों के उफनने से गंदा पानी दुकानों में भर गया। नाला काजीपाड़ा, अलबतिया, आवास विकास कालोनी भावना क्लार्क्स इन, हलवाई की बगीची आदि मार्ग पर वाहन फंस गए।
छावनी में कई रास्तों पर उफना नाला
बुधवार को हुई तेज बारिश में छावनी का वार्ड नंबर 2 स्थित रेनबो स्कूल में पानी भर गया।। इसके साथ टक्कर रोड, सदर, अल्लाह बक्श रोड, नंद टॉकीज और फूल सैय्यद चौराहा पर जलभराव से परेशानी हुई। वाहन फंस गए। राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया। सेनेटरी इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि जलभराव से राहत के लिए पंप सेट लगाए जा रहे हैं और नाले की सफाई कराई जा रही है, ताकि पानी की निकासी की जा सके।