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Hathras Accident: सिसकियों में दब गए लफ्ज...अश्क बनकर बहा दर्द, दिलासा देने वाले हाथ भी कांपे; रूह भी कांप उठी

Sun, 08 Sep 2024 02:08 PM IST
शाहरुख खान धर्मेंद्र यादव, अमर उजाला, आगरा
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
हाथरस में हुए सड़क हादसे में अपनों को खोने वालों का दर्द कलेजा चीर रहा था। मुन्ना और चुन्नासी के घरों में कोहराम मचा था तो नूर मोहम्मद के घर सिसकियां सन्नाटा तोड़ रही थीं। सिसकियों के कारण लफ्ज नहीं निकल रहे थे, आंखों से अश्कों की झड़ी लगी थी। ढांढस बंधाने वाले हाथ भी कांप रहे थे।

 
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
सैमरा में मातम की स्याह रात बीती और सूरज की किरणें फूटीं तो सुबह रोजाना की तरह खुशनुमा नहीं थी। आंगनों में बच्चों की किलकारियां गायब थीं। गांव में मौजूद हर चेहरे पर दर्द की लकीर सी खिंची थीं।
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
आसपास के घरों के बच्चे भी स्कूल नहीं गए। चुन्नासी उर्फ चुन्ने खां शून्य में ताक रहे थे, जैसे कह रहे हों.. विकलांगता का दर्द क्या कम था जो अब बेटे, बेटी, नातियों को छीनकर जीने का सहारा छीन लिया।

 

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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
अब किस के सहारे बुढ़ापा कटेगा। रिश्तेदार उनकी पत्नी फूलबानो को दिलासा देने की कोशिश कर रहे थे। वो कभी सिसकतीं तो कभी बेसुध हो जातीं। 
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
दर्द का यह मंजर एक घर तक सीमित नहीं था। बेदरिया के घर में भी यही हाल था। कोई बिलख रहा था, कोई अपनों के आंसू पोंछ रहा था। नूर मोहम्मद के घर का हाल भी कुछ जुदा न था।
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
रिश्तेदार शकीना कह रही थी मेरी तो झोपड़ी उजड़ गई। कोई है जो उन्हें वापस ला दे। अपने बेटे, बहू, नाती, पोते और पति को खोने वालों के पास लफ्ज नहीं थे। वह सिसकते और फफकते, फिर खामोश होकर शून्य में ताकने लगते।
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
सूफियान, कहां है मेरा सूफियान...और बेहोश हो गई सोनी
नगला बीच (टूंडला) में ब्याही तबस्सुम की भाभी सोनी जब घर पहुंचीं तो हामिद के कमरे की ओर दौड़ी और बोली मेरा सूफियान कहां है। चिल्लाई सूफियान...सूफियान।

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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
घर से कोई आवाज नहीं आई तो वह बिलख पड़ीं और बोली अब कभी नहीं पुकारेगा मेरा सूफियान। इसके बाद बेसुध होकर जमीन पर ही लेट गईं।

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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
तबस्सुम के मायके से आई चाची शायरा ने बताया कि सोनी दो महीने रहकर गई थी। नन्हें सूफियान के साथ खेलती थीं। टूंडला से आईं बुआ सितारा, बहन नसरीन का भी बुरा हाल था। सितारा कह रही थीं कि पूरा परिवार ही खत्म हो गया।
 

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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
पूर्व सैन्यकर्मी के घर में दर्जी ने सिले कफन
सैमरा में चार भाइयों के परिवार पर टूटे गम के पहाड़ में गांववासियों ने कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। रघुवीर पूर्व सैन्यकर्मी के घर में गांव के दर्जी मोहम्मद अजीज को मृतकों के आयु वर्ग के हिसाब से कफन सिलने के लिए बुलाया गया। अजीज ने सिलाई मशीन रखने के लिए जगह मांगी तो रघुवीर ने उन्हें अपने घर में बैठाकर कफन सिलवाए। कफन सिलते देखकर देखने वालों की रूह कांप उठी।

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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
अंतिम सफर पर निकले 14 जनाजे...चीत्कार उठा आगरा का सैमरा गांव
जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर 22 हजार की आबादी वाला सैमरा गांव। एक हादसे ने चार परिवार की 17 जिंदगियों को लील लिया। किसी का परिवार खत्म हुआ तो किसी ने पिता, बेटे और बेटी को हमेशा के लिए खो दिया। दुखों का पहाड़ टूटा हुआ था। सांत्वना देने वाले भी रो रहे थे। जैसे-जैसे एंबुलेंस से शव आते गए, चीख-पुकार मचती रही।...
 

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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार का बांटा दर्द पहुंचे 15 गांवों के लोग
सैमरा में मिश्रित आबादी है। पीड़ित परिवार का दर्द बांटने केवल गांव के ही नहीं बल्कि आसपास के 15 गांवों से लोग आए। कई ने जनाजे को कांधा दिया। महिलाओं को संभालने के लिए महिला पुलिसकर्मी भी लगाई गईं थीं।

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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार के रिश्तेदार अलीगढ़, हाथरस और फिरोजाबाद में रहते हैं। सभी रात में ही पहुंच गए थे। शनिवार को आसपास गांवों नगला जालिम, नगला धमाली, गढ़ी राठौर, बमान, बांस जोशी, बांस रिसाल, भलीपुरा, आंवलखेड़ा, उस्मानपुर, कस्बा खंदौली सहित 15 गांवों से लोग आए।

 
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Hathras Road Accident - फोटो : अमर उजाला
बस चालक गिरफ्तार
हाथरस हादसे के मामले में पुलिस ने जनरथ बस के चालक मुनेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। एआरटीओ ने शासन को भेजी रिपोर्ट में हादसे के लिए बस और मालवाहक वाहन के चालक भगवान सिंह परमार को दोषी ठहराया है। बस चालक का ड्राइविंग लाइसेंस और मालवाहक वाहन का पंजीकरण निलंबित कर दिया है। 

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