आगरा में गैंगस्टर विनय श्रोत्रिय दीवानी परिसर से भागने की तैयारी जेल से ही करके आया था। उसने जेल के पीसीओ से फोन कर साथी सोनू कुशवाहा को बुला लिया था। जेल में कई दिन पहले से फेसबुक मैसेंजर पर मैसेज भेजकर और वीडियो कॉल पर बात भी कर रहा था। उसके पास मोबाइल कहां से आया ? पुलिस इसका पता कर रही है। वहीं सिपाही अनुज प्रताप ने गैंगस्टर के फरार होने के बाद खुद पर प्रहार कराया था। इस मामले में थाना न्यू आगरा में दो सिपाही सहित आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। गैंगस्टर के साथी सोनू कुशवाहा और सिपाही अनुज प्रताप को गुरुवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। सिपाही को जमानत मिल गई, जबकि सोनू को जेल भेज दिया गया।
फिरोजाबाद का रहने वाला गैंगस्टर विनय श्रोत्रिय बुधवार को पुलिस अभिरक्षा से भाग गया था। वह पेशी पर लाया गया था। सिपाही अनुज प्रताप उसे डकैती कोर्ट में लेकर जा रहा था। सिपाही ने अधिकारियों को बताया था कि तीन बदमाश आए। उसके सिर में ईंट मारी और विनय को भगाकर ले गए। बाद में टूंडला निवासी सोनू कुमार सामने आया। उसने बताया था कि बदमाश उसका मोबाइल लूटकर ले गए। एसपी सिटी विकास कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी घटना की जांच में जुटे हैं।
दीवानी परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अधिकारियों ने फुटेज देखी। इन्हें देखने पर सिपाही और सोनू की पोल खुल गई। सिपाही ने करीब एक घंटे बाद गैंगस्टर के भागने की सूचना दी थी। फुटेज में दिखा कि सिपाही गैंगस्टर को बड़े आराम से ले जा रहा है। वह उसे एक अधिवक्ता के चैंबर पर लेकर गया। सोनू के कंधे पर गैंगस्टर ने हाथ रखा था।
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आरोपी सोनू को पूछताछ के लिए ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सख्ती से पूछताछ पर सोनू कुमार ने अपना नाम सोनू कुशवाहा बताया। बताया कि अधिवक्ता के चैंबर पर विनय ने उसके ही मोबाइल से बात की थी। इस दौरान विनय चैंबर से बाहर तक आ गया। इसके बाद साथियों के साथ फरार हो गया। सिपाही चैंबर में बैठा रहा, जब विनय अंदर नहीं आया तो सिपाही बाहर आया। तब तक गैंगस्टर अपने दो साथियों के साथ बाइक पर बैठकर गेट नंबर चार से बाहर जा चुका था। इसके बाद सिपाही ने बदमाश की फरारी की कहानी बनाई।
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एसपी सिटी विकास कुमार और पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिपाही ने खुद अपने ऊपर ईंट से प्रहार किया। मगर, उसके खून नहीं निकला। इस पर उसने सोनू से कहकर ईंट से प्रहार कराया। यह बात पुलिस की पूछताछ में सोनू ने बताई है। एसपी सिटी विकास कुमार का कहना है कि कई अहम जानकारी मिली हैं। सिपाही की भूमिका संदिग्ध है। मुकदमा दर्ज किया गया है। गैंगस्टर ने सिपाही के लालच और लापरवाही का फायदा उठाया है। फरार मुल्जिम की गिरफ्तारी के लिए टीम दबिश दे रही हैं। सिपाही अनुज प्रताप जब घटना के बाद अधिकारियों के पास आया तो उसकी वर्दी पर खून लगा था।
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गैंगस्टर विनय श्रोत्रिय
- फोटो : अमर उजाला
थाना न्यू आगरा के दीवानी चौकी प्रभारी एसआई अंकुज धामा ने मुकदमा दर्ज कराया। इसमें मुख्य आरक्षी अनुज प्रताप सिंह (पुलिस लाइन), आरक्षी अनुराग राणा (तैनात सेशन हवालात, दीवानी न्यायालय), टूंडला निवासी सोनू कुशवाहा, गैंगस्टर विनय, फिरोजाबाद निवासी छोटे उर्फ रिषभ राजपूत, राहुल, मिंटा यादव, रवि यादव और अन्य अज्ञात को नामजद किया है। मुकदमा धारा 223, 224, 225, 332 में लिखा गया।
पुलिस को सोनू कुशवाहा ने बताया कि जेल से विनय श्रोत्रिय ने सुबह नौ बजे कॉल किया था। पहले वह फेसबुक मैसेंजर पर मैसेज भेजकर और वीडियो कॉल करके उससे बात करता था। उसने भागने की तैयारी पहले से कर रखी थी। भागने में छोटे उर्फ रिषभ, राहुल, मिंटा, रवि यादव और अन्य ने मदद की। उसका मोबाइल कॉल करने के लिए अपने साथ ही ले गए। शक न हो, उसके लिए ही उसने मोबाइल लूट की सूचना दी थी। सेशन हवालात पर तैनात सिपाही अनुराग राणा ने लापरवाही की।