आगरा में मकर संक्रांति पर जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स को गंगाजल मिल ही गया। बुधवार को बलदेव के नेरा गांव में बनाए गए वीपीटी टैंक में पूजा अर्चना के बाद भूमिगत पाइप लाइन के बटरफ्लाई वाल्व को खोला गया। इसके बाद गंगाजल जीवनी मंडी चल पड़ा। पाइपलाइन के जरिए वॉटरवर्क्स को हर दिन 200 एमएलडी गंगाजल मिलेगा। सिकंदरा वॉटरवर्क्स पर पहले ही 144 एमएलडी गंगाजल पहुंच रहा है। ऐसे में बृहस्पतिवार से पूरे शहर में गंगाजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
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भाजपा विधायकों ने वॉल्व घुमाकर किया शुभारंभ
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा के तीन विधायकों योगेंद्र उपाध्याय, पुरुषोत्तम खंडेलवाल और राम प्रताप सिंह चौहान ने जल निगम के प्रोजेक्ट इंजीनियरों के साथ बलदेव के गांव नेरा स्थित 20 फुट गहरे वीपीटी टैंक में प्रवेश किया और विधिवत पूजन के बाद वाल्व का चक्का घुमाया। जीवनी मंडी जलसंस्थान को प्रतिदिन 200 एमएलडी गंगाजल मिल सकेगा जहां से आगरा दक्षिण, आगरा उत्तर, आगरा एत्मादपुर, आगरा छावनी विधानसभा के क्षेत्रों को अब यमुना जल के स्थान पर गंगाजल की आपूर्ति की जायेगी।
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सिकंदरा वाटर वर्क्स
- फोटो : अमर उजाला
बीते साल 9 जनवरी को सिकंदरा में मिला था गंगाजल
बीते साल 9 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोठी मीना बाजार मैदान से सिकंदरा वॉटरवर्क्स से गंगाजल आपूर्ति का लोकार्पण किया था। एक साल से सिकंदरा वॉटरवर्क्स से 144 एमएलडी गंगाजल और 144 एमएलडी यमुना जल आधे शहर में पहुंच रहा है। जल निगम ने एक जनवरी से जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स तक 200 एमएलडी गंगाजल पहुंचाने का दावा किया था, लेकिन इसमें ठीक एक महीने की देरी हुई। लेकिन आज से पूरे शहर में गंगाजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
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जीवनी वाटर वर्क्स
- फोटो : अमर उजाला
150 मीटर ट्रेंचलेस खोदाई कर डाली पाइप लाइन
सिकंदरा को एक साल पहले गंगाजल मिल गया, पर जीवनी मंडी तक पानी पहुंचने में पूरा एक साल लग गया। दरअसल, वॉटरवर्क्स चौराहे पर फ्लाईओवर के नीचे से पाइप लाइन निकालनी थी, जहां खोदाई मुश्किल थी। ऐसे में 150 मीटर ट्रेंचलेस खोदाई कर पाइप लाइन डाली गई। यहां 1200 मिमी पाइप लाइन के जरिए जीवनी मंडी तक गंगाजल पहुंचाया गया। एक दिसंबर से दो जगह पाइप लाइन को जोड़ने का काम किया गया, जिसमें डेढ़ महीने का समय लग गया।
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यमुनापार क्षेत्र में पहुंचा गंगाजल
- फोटो : अमर उजाला
यमुना पार, पुराने शहर, सैन्य क्षेत्र को मिलेगा गंगाजल
जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स को 200 एमएलडी गंगाजल मिलने के बाद आधे शहर की मुसीबतें दूर हो जाएंगी। यहां सीवर की तरह गंदे पानी का ट्रीटमेंट करने के बाद भी पीले, गंदे बदबूदार पानी की आपूर्ति की जा रही थी, लेकिन अब गंगाजल मिलने से यमुना पार, पुराने शहर और सैन्य क्षेत्र को स्वच्छ गंगाजल मिलना शुरू हो जाएगा।
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जीवनी मंडी वाटर वर्क्स पर भाजपा विधायक व अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
अब इन इलाकों की परेशानी दूर
जीवनी मंडी, बेलनगंज, दरेसी, हाथीघाट, यमुना किनारा, छीपीटोला, नाई की मंडी, तोपखाना, धाकरान, प्रतापपुरा, गालिबपुरा, बड़ी अथाई, मोतीगंज, पीपलमंडी, रावतपाड़ा, मंटोला, गल्ला मंडी, सदर भट्टी, काजीपाड़ा, चक्कीपाट, कटरा गड़रियान, ईदगाह कटघर, तमोलीपाड़ा, आदर्श नगर, घटिया मामू भांजा, नामनेर, रकाबगंज, कुतलूपुर, बालूगंज, बिजलीघर, नगरिया, शिवाजी मार्केट, मधु नगर, बुंदू कटरा, प्रताप नगर, कोटली बगीची, नगला जस्सा, टुंडपुरा, गोपालपुरा, देवरी रोड़, मोतीकटरा, हींग की मंडी, रोशन मोहल्ला, मदन मोहन गेट, माल का बाजार, पन्नी गली, सेब का बाजार, किनारी बाजार।
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गंगाजल
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ताजमहल के आसपास मिलेगा गंगाजल
ताजगंज, बसई खुर्द, कोलिहाई, गुम्मट, कटरा जोगीदास, कटरा फुलेल, तुलसी चबूतरा, पाकटोला, तेलीपाड़ा, अज्जूपुरा, दीवानी मोहल्ला, गुड़िहाई, मलको गली, पक्की सराय, कच्ची सराय, गोबर चौकी, नाहरगंज, पुरानी मंडी, दखनाई गेट, ताजमहल पश्चिमी गेट, फतेहाबाद रोड, तामहल पूर्वी गेट के क्षेत्रों में स्वच्छ गंगाजल आज से मिलना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा कमला नगर, बल्के श्वर, राधा नगर, आदर्श नगर, कावेरी कुंज, पटेल नगर, गुलाब खाना, ट्रांस यमुना कालोनी, नरायच, शाहदरा, गढ़ी चांदनी, नगला बिहारी, फाउंड्री नगर, मोतीमहल, यमुना ब्रिज, टेड़ी बगिया, छलेसर, नुनिहाई।
अहो भाग्य हमारे, आज गंगाजी हमारे घर आ रही हैं। हम पहले गंगाजल का पूजन करेंगे, इसके बाद जल को गृहण करेंगे। यह कहना है कि उन लोगों का जो लंबे समय से गंगाजल के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे।
- यह खुशी बयां नहीं की जा सकती है। जल संकट के कारण यमुना पार में युवकों के रिश्ते होना मुश्किल हो गया था - संजय अग्रवाल, सीता नगर
- एक तो खारा पानी, ऊपर से बदबूदार, पीना तो दूर, नहाना तक मुश्किल था, गंगाजल आया है, तो सारे कष्ट दूर हो गए - संदीप मित्तल, कमला नगर
- इस दिन का बहुत दिनों से इंतजार था। हम पीने के लिए पानी खरीदते हैं। अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी - ऋषभ अग्रवाल, सीता नगर।
- अगर नेताओं ने सक्रियता दिखाई होती, तो गंगाजल आने में इतना लंबा वक्त न मिलता, फिर भी देर आए, पर दुरुस्त आए - केशव राज,बल्केश्वर।