गंगा दशहरा पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कासगंज जिले के गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने गंगास्नान कर पूजा अर्चना करते हुए साधु संतों को दान पुण्य भी किया। गंगा का दुग्धाभिषेक किया गया एवं पहरावनी की। पूरे दिन गंगा पर धार्मिक आयोजनों का सिलसिला चलता रहा।
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हर हर गंगे के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी, तस्वीरों में देखिए आस्था का सैलाब
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गंगा दशहरा
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार की शाम से ही तीर्थनगरी सोरों, लहरा, कछला, कादरगंज एवं इस्माइलपुर गंगाघाटों पर श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया। रात्रि के समय श्रद्धालुओं ने कहीं कीर्तन तो कहीं भजन के कार्यक्रम आयोजित करके गंगा की महिमा का गायन किया।
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गंगा दशहरा
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शुक्रवार की सुबह भोर के साथ ही गंगाघाटों के मंदिरों में जैसे ही घंटे घडिय़ाल की आवाजें सुनाई दीं। वैसे ही श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे के जयकारे लगाते हुए गंगा में डुबकी लगाना शुरू कर दिया। जैसे जैसे दिन खुलता गया वैसे ही वैसे श्रद्धालुओं की संख्या गंगाघाटों पर बढ़ती जा रही थी।
हर हर गंगे के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी, तस्वीरों में देखिए आस्था का सैलाब
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गंगा दशहरा
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सुबह 6 बजे सभी गंगाघाटों पर चारों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ का आलम ही नजर आ रहा था। हर कोई गंगा की रेतीली तलहटी में दौड़ता हुआ गंगा की धार की ओर बढ़ रहा था जिससे वह जल्दी गंगा स्नान कर सके। श्रद्धालुओं के बीच ऐसी प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही थी।
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गंगा दशहरा
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दोपहर तक गंगाघाटों पर भीड़ का जबरदस्त दवाब बना रहा। दूरस्थ इलाकों के लोग रात को ही यहां पहुंच गए थे, सुबह के समय गंगास्नान करने के पश्चात वापस प्रस्थान कर गए। वहीं आस पास के इलाके के लोगों का दोपहर तक पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
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तमाम श्रद्धालु गंगा मां का दूध से अभिषेक करते नजर आए। पूजा अर्चना का सिलसिला दिनभर गंगाघाटों पर चलता रहा। गंगाघाटों पर भंडारे के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। जहां श्रद्धालु साधू, संतों और भिक्षुओं को भोजन कराके दान दक्षिणा भेंट कर रहे थे।