जम्मू कश्मीर में एलओसी पर आईईडी ब्लास्ट में शहीद हुए गांव पुरा भदौरिया के हवलदार संतोष कुमार सिंह का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा सोमवार शाम गांव पहुंचा। नम आंखों से वीर सपूत को अंतिम विदाई दी गई। राज्य सरकार की ओर से शहीद की वीर नारी विमला देवी 25 लाख के चेक के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आश्रित को नौकरी देने की घोषणा का पत्र भी दिया गया।
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शहीद की अंतिम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
शहीद का पार्थिव लेकर पहुंची यूनिट के सूबेदार वीरेंद्र सिंह और नायक दिलीप सिंह ने बताया कि रविवार की दोपहर एलओसी पर फेसिंग के पास यूनिट की बदली की प्रक्रिया के दौरान आईईडी ब्लास्ट में हवलदार संतोष कुमार सिंह भदौरिया, नायक कृष्ण प्रताप सिंह और नायक जिमराराम घायल हो गए थे। घायल संतोष कुमार सिंह ने ऊधमपुर के अस्पताल में आखिरी सांस ली थी।
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शहीद के अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद विमाम से शहीद का पार्थिव शरीर आगरा लाया गया। यहां से सड़क मार्ग से गांव पुरा भदौरिया पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। सड़क से लेकर गांव तक देश भक्ति का ज्वार उमड़ पड़ा। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं की जुबां पर वंदे मातरम का जयघोष था। घरों की छतों पर जमा लोगों ने पुष्पवर्षा कर वीर सपूत को श्रद्घा सुमन अर्पित किए।
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सांसद, डीएम, एसएसपी ने दिया कंधा
- फोटो : अमर उजाला
अंतिम संस्कार के बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक खेत पर ले जाया गया। सांसद राजकुमार चाहर, डीएम एनजी रवि कुमार और एसएसपी बबलू कुमार ने शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। शव यात्रा में शामिल होने से शहीद की बेटियां दीक्षा और प्रिया खुद को नहीं रोक पाईं। उनके आंसू थम नहीं रहे थे। बेटियों ने शहीद पिता को हाथ जोड़कर अंतिम विदाई दी।
बेटे ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि
- फोटो : अमर उजाला
अंत्येष्टि स्थल पर राजनेताओं, सेना के अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद को पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया। सेना की यूनिट ने सशस्त्र सलामी दी। बेटे अभय प्रताप सिंह ने शहीद पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इसके बाद घर पर पहुंचे सांसद राजकुमार चाहर, डीएम एनजी रवि कुमार ने वीरनारी विमला देवी को मुख्यमंत्री की ओर से 25 लाख रूपये का चेक सौंपा। साथ ही एक आश्रित को नौकरी दिए जाने की घोषणा का पत्र भी दिया।