यूके से व्यापार समझौता होने से आगरा के जूता निर्यातकों में खुशी की लहर है। उनका मानना है कि इस समझौते के बाद से आगरा के जूतों की मांग में 50 फीसदी बढ़ोतरी हो सकती है।
यूएई और ऑस्ट्रेलिया के बाद यूनाइटेड किंगडम से मुक्त व्यापार समझौता शहर के फुटवियर निर्यातकों के लिए खुशी की लहर लाया है। उद्यमियों के मुताबिक इससे आगरा का जूता अपनी चमक और बिखेरेगा। अमेरिका, जर्मनी के बाद यूनाइटेड किंगडम भारतीय जूतों का तीसरा बड़ा खरीदार है और साल-दर-साल यहां के बाजार में आगरा के जूतों की हिस्सेदारी बढ़ रही है। शुल्क शून्य होने से यूनाइटेड किंगडम के साथ फुटवियर निर्यात में 50 फीसदी बढ़ोतरी होने की उम्मीद निर्यातक जता रहे हैं।
काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट के मुताबिक अमेरिका भारतीय लेदर फुटवियर का सबसे बड़ा बाजार है, जिसकी हिस्सेदारी 21.64 फीसदी है। इसके बाद जर्मनी और फिर यूनाइटेड किंगडम है। आगरा के जूतों की मांग अमेरिका में कम, लेकिन यूरोप और यूनाइटेड किंगडम में ज्यादा है। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच मुक्त व्यापार समझौते से आगरा के फुटवियर उद्योग को बड़ा फायदा पहुंच सकता है।
फुटवियर निर्यातकों ने बताया कि यूके को निर्यात पर 8.5 फीसदी शुल्क लगता है। यह टैक्स ज्यादा नहीं है, लेकिन अन्य देशों से प्रतिस्पर्धा में इससे फुटवियर की कीमत बढ़ रही थी। अब एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) होने से यह टैरिफ नहीं लगेगा। इससे भारतीय जूता यूके में सस्ता मिलने लगेगा। किसी अन्य देश के मुकाबले भारतीय जूता प्रतिस्पर्धा कर सकेगा। इससे ऑर्डर ज्यादा मिलने की उम्मीद है।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
50 फीसदी तक बढ़ जाएगा निर्यात
आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर के अध्यक्ष पूरन डावर ने यूनाइटेड किंगडम के साथ हुए व्यापार समझौते को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि आगरा के जूता निर्यातकों को इससे बड़ा फायदा होने वाला है। यूके के साथ निर्यात में एक साल में ही 50 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है, वहीं अगले साल तक यह दोगुना भी हो सकता है।
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फुटवियर निर्यातकों को बड़ी छलांग की उम्मीद
आगरा के जूते का सबसे बड़ा बाजार यूरोप, यूनाइटेड किंगडम है। यूनाइटेड किंगडम के बाजार में आगरा की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मुक्त व्यापार समझौते से उन्हें जूता निर्यात में बड़ी छलांग की उम्मीद है। आजादी के बाद से ही आगरा में बने परंपरागत कारीगरी वाले लेदर फुटवियर की मांग ब्रिटेन और यूरोपीय बाजार में रही है।
राजेश खुराना ने बताया कि लेदर फुटवियर निर्यात को मुक्त व्यापार समझौते से बड़ी छलांग मिल सकती है। यह सरकार का बड़ा कदम है, जिसका सकारात्मक असर पड़ेगा। यूनाइटेड किंगडम में भारतीय जूते की चमक बढ़नी तय है।
एफमेक उपाध्यक्ष राजेश सहगल ने बताया कि दोनों ही देशों को बड़ी बेसब्री से इस व्यापार समझौते का इंतजार था। आखिरकार यह हो गया। इसका बड़ा असर आने वाले महीनों में देखने को मिलेगा। बांग्लादेश को जो फायदा मिल रहा था, वह अब भारतीय निर्यातकों को मिल पाएगा।
एफमेक निर्यातक नजीर अहमद का कहना है कि अमेरिका से टैरिफ वार के बीच चीन से कंपनियों का शिफ्ट होना तय है। बाजार की हलचलों के बीच सरकार का यूनाइटेड किंंगडम के साथ मुक्त व्यापार समझौता बेहतर कदम है। आगरा के निर्यातकों को इसका बड़ा फायदा मिलने वाला है।
एफमेक वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि मुक्त व्यापार समझौते से यूनाइटेड किंगडम के बाजार में पकड़ बढ़ाने का मौका है। यूरोपीय यूनियन से समझौता हुआ तो लेदर फुटवियर उद्योग को चार चांद लग जाएंगे।