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आगराः चार लाख लोगों की सेहत से खिलवाड़, फेफड़ों में घुल रहा जहर

Sun, 11 Oct 2020 12:16 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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स्मार्ट सिटी कंपनी ने नहीं किए उपाय - फोटो : अमर उजाला
पानी की पाइप लाइन, सीवर लाइन और यूटिलिटी डक्ट के कारण शहर में चल रही खोदाई से उड़ रही धूल-मिट्टी से चार लाख लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। फतेहाबाद रोड पर आईटीसी होटल से इनर रिंग रोड तक और एबीडी एरिया के 9 वार्डों में बिछाई जा रही पानी की पाइप लाइन, सीवर लाइन की खोदाई के कारण हर गली, मोहल्ले में लोग धूल, मिट्टी के कारण सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। शहर में सबसे खराब वायु गुणवत्ता फतेहाबाद रोड और ताजगंज के उन वार्डों की है, जहां खोदाई जारी है। शनिवार को भी फतेहाबाद रोड के निर्माण कार्यों पर न तो पर्दे लगाए गए और न ही पानी का छिड़काव किया गया। भारी धूल, मिट्टी के कणों के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। 
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सड़क निर्माण के दौरान उड़ती धूल - फोटो : अमर उजाला
एनजीटी की सख्ती के बाद उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी पर 6.73 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी ने चार फर्मों पर 2 लाख रुपये का जुर्माना किया। इसके बाद भी शनिवार को दोनों ही विभागों के निर्माण कार्यों में कोई एहतियात नहीं बरती गई। दोपहर एक बजे और शाम चार बजे दो बार अमर उजाला की टीम ने फतेहाबाद रोड काभ्रमण किया, जहां टीडीआई मॉल से लेकर जेपी होटल के आगे तक और बसई में की जा रही खोदाई में धूल नियंत्रण के लिए न तो पर्दे लगाए गए और न ही पानी का छिड़काव करते टैंकर नजर आए। 
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सड़क पर उड़ती धूल - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई सूची में आगरा का वायु प्रदूषण सूचकांक (एक्यूआई) 255 रहा। शनिवार को आगरा देश का 9 वां प्रदूषित शहर रहा। पिछले 15 दिनों से ताजनगरी में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और खराब स्तर पर है। शहर में जल निगम, स्मार्ट सिटी, जलकल विभाग, पीडब्ल्यूडी, आगरा विकास प्राधिकरण, नेशनल हाइवे अथारिटी द्वारा की जा रही खोदाई के कारण धूल मिट्टी के ढेर लगे हैं जो हवा चलने और वाहनों के निकलने पर लोगों की मुसीबत बढ़ा रहे हैं। 

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उड़ रही धूल - फोटो : अमर उजाला
बार-बार आ रहा अस्थमा का अटैक
15 दिन से धूल ज्यादा उड़ रही है, जिससे बार-बार अस्थमा का अटैक आ रहा है। दिन में दो बार नेबुलाइजर लगाने की नौबत आ रही है। घर के फर्नीचर पर ही धूल की मोटी परत जम रही है। यह तो हमारे फेफड़े को चोक कर देगी। राजेश्वरी उपाध्याय, ताजनगरी
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सड़क पर खुली पड़ी मिट्टी - फोटो : अमर उजाला
धूल के कारण घर में रहना मुश्किल हो गया है। सांस लेने में परेशानी होती है तो डर भी लगता है कि कहीं कोरोना के कारण दिक्कत न हो। दो बार डॉक्टर के पास जा चुका हूं। प्रदूषण के कारण परेशानी हो रही है नंदन वार्ष्णेय, फतेहाबाद रोड

खोदाई और धूल नियंत्रण पर सभी विभाग मनमानी कर रहे हैं। इनसे पहले ही नियमों का पालन कराने के लिए शपथ पत्र भरवाना चाहिए, ताकि उल्लंघन पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जा सके। जुर्माना लगाकर तुरंत वसूली की कार्रवाई की जाए। रमन, सदस्य, सुप्रीम कोर्ट मॉनीटरिंग कमेटी

हमने स्मार्ट सिटी और नेशनल हाईवे के सभी खंडों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए कहा है। हर पखवाड़े निरीक्षण करके रिपोर्ट दे रहे हैं। इनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की गई है। अब मुकदमा दर्ज किया जाएगा। - भुवन प्रकाश यादव,  क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी
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