पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी के साथ मैदानों में ठिठुरन बढ़ गई है। उत्तर-पश्चिम की बर्फीली हवाओं ने आगरा समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों में गलन भरी सर्दी की दस्तक दे दी है।
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घने कोहरे की चादर
- फोटो : अमर उजाला
ठिठुरन और गलन के साथ शहर में शुक्रवार की शाम 7 बजे से शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक लगभग 16 घंटे तक घने कोहरे की चादर छाई रही। इन 16 घंटों में दृश्यता शून्य रही। सबसे ज्यादा दिक्कतें रात में आईं, जब सड़कों पर स्ट्रीट लाइट न जलने के कारण कोहरे में वाहन चलाने पड़े। हाईवे पर वाहन रेंगकर चले।
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अलाव जलाकर ठंड दूर करने की कोशिश करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री नीचे 18 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री पर पहुंच गया। शनिवार को भी कोहरे में दृश्यता शून्य रही। सुबह से लेकर दोपहर तक हाइवे, यमुना किनारे, ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरा घना रहा। इससे रेल और बस यातायात पर भी असर पड़ा। ट्रेनें और बसें घंटों देरी से चलीं। दोपहर में धूप निकली, लेकिन गुनगुनी धूप ज्यादा देर नहीं रह सकी।
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कोहरे की चादर के चलते ताजमहल नजर न आ सका
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को कोहरे की चादर के चलते ताजमहल नजर न आ सका। रेड सैंड स्टोन प्लेटफार्म से सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक घना कोहरा रहा, जिसमें ताज रॉयल गेट के प्लेटफार्म से नजर नहीं आया। सेंट्रल टैंक के आगे जाने के बाद ही ताज का अक्श नजर आया। घूंघट में छिपे ताज को देखने के लिए पर्यटकों को चमेली फर्श तक जाना पड़ा। दोपहर बाद ही सेंट्रल टैंक से फोटोग्राफी में ताज दिखा।
कोहरे की चादर के चलते ताजमहल नजर न आ सका
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले दो दिनों तक सुबह कोहरा छाया रह सकता है। अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहेगा। न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस सप्ताह बुधवार को गरज-चमक के साथ बारिश के आसार बन रहे हैं।