शुक्रवार दोपहर हुए उपद्रव के बाद देर रात सर्दी भी अपने चरम पर दिखी। कोहरे की घनी चादर ने जहां शहर की सड़कों को ढक लिया था। नालबंदान क्षेत्र में हुए उपद्रव के बाद आगरा, मथुरा और मैनपुरी से पुलिस फोर्स बुला लिया गया था। गैर जिले से आए पुलिस फोर्स को शहर की सुरक्षा के लिए सुभाष तिराहा, गांधी पार्क चौराहा, करबला की पुलिया, मोहल्ला कोटला, घंटाघर, जामा मस्जिद, रसूलपुर, आसफाबाद, नीबू वाला बाग, उर्वशी, हुंडावाला आग, राजपूताना, चंद्रवार गेट, पेमेश्वर गेट के साथ जगह जगह तैनात किया गया था। जहां जहां पुलिस बल तैनात किया वहीं न तो अलाव की व्यवस्था थी और न ही हीटर थे। ऐसे में कोहरे की तनी चादर और शीत लहर के चलते पुलिसकर्मी पूरी रात सर्दी से कांपते रहे।
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सिपाही के पर्स में फंसी गोली देखते एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं हिंसक प्रदर्शन के दौरान एसएसपी सचिंद्र के साथ चल रहे सिपाही बृजेंद्र को गोली लग गई। गनीमत रही कि पर्स और बुलेट प्रुफ जैकेट ने उसकी जान बचा ली। गोली बुलेटप्रुफ जैकेट को पार कर पर्स में जाकर फंस गई। सिपाही के पर्स में भगवान शिव और साईं की तस्वीर भी रखी थी।
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फोर्स के साथ आला अफसर
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस उपद्रव करने वालों की तैयारी को भांप भी नहीं सकी। प्रशासन के अधिकारी सौहार्द की अपील की मुहिम में जुटे जरूर रहे लेकिन शरारती तत्वों की तैयारी पर उनका ध्यान नहीं गया। शुक्रवार को मुट्ठी भर पुलिसकर्मी जब हजारों की भीड़ को समझाने की कोशिश कर रहे थे तभी कुछ शरारती तत्वों ने अपने मंसूबों को अंजाम देकर पुलिस की बेफिक्र वाली सोच पर चोट की। पुलिस अधिकारियों को माने तो उन्हें अंदेशा नहीं था कि इतना बड़ा बवाल हो जाएगा।
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फिरोजाबाद बवाल की तस्वीरें
- फोटो : अमर उजाला
थाना रामगढ़, रसूलपुर और दक्षिण शहर के ये तीन थाना क्षेत्र ऐसे हैं जो काफी संवेदनशील माने जाते हैं। इन तीनों थाना क्षेत्रों में ही मिश्रित आबादी वाले इलाके शामिल हैं। शुक्रवार को हुुए उपद्रव ी आग इन्हीं तीन थाना क्षेत्रों में फैली थी। इससे पहले भी जब भी उपद्रव हुए हैं इन्हीं तीन थाना क्षेत्रों में होते रहे हैं। थाना दक्षिण, रसूलपुर और रामगढ़ क्षेत्र से मिश्रित आबादी वाले इलाके जुडे़ हुए हैं। ये थाना क्षेत्र जितने संवेदनशील है उस तुलना में पुलिस की तैयारी उतनी मजबूत नहीं रही है। यही कारण रहा कि शांति-सौहार्द के लिए लगातार कोशिश कर रहा पुलिस प्रशासन इन क्षेत्रों में गच्चा खा गया। दरअसल अवैध कट्टीघरों के संचालन से लेकर जुआ और सट्टे के अड्डों के संचालन की गतिविधियों के लिए इन्हीं थाना क्षेत्रों के कई इलाके बदनाम हैं। पिछले दिनों कुछ ऐसे मामले भी उछले जब पुलिस ने हाथ डाला तो सत्ताधारी पार्टी से जुडे़ लोग पैरवी करने थाने पहुंचे। शुक्रवार को हुए उपद्रव में भी अवैध असलाहों का खुलकर प्रयोग हुआ।
आईजी के साथ एसएसपी व डीएम फिरोजाबाद
- फोटो : अमर उजाला
कांच उद्योग क्रांति सीटू की बैठक जिला कार्यालय पर रज्जोदेवी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में श्रमिक नेताओं ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाने और काम पर लौटने की अपील की है। सीटू के प्रांतीय नेता नवल सिंह एडवोकेट और भूरी सिंह यादव ने कहा कि देशहित में अराजक तत्वों से सावधान रहकर उपद्रवों व उपद्रवियों से दूर रहें। शहर के बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा मेहनतकश जनता से अपील की है कि अपने शहर में अमन चैन कायम रखें। इस संबंध में श्रमिक नेताओं की डीएम चंद्र विजय सिंह और सहायक श्रमायुक्त से वार्ता भी हुई। उन्होंने कामगारों को उनके प्रतिष्ठानों में पूरी सुरक्षा के साथ आने और जाने में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। बैठक में सलीम तारकस, नदीमउद्दीन सिद्दीकी, सोनेश कुमार, नरेश कुमार, सत्यप्रकाश, पूरन जादौन, राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे।