फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्वीरें: यमुना में उफान, खतरे के निशान के करीब पहुंची चंबल नदी, कई गांवों का संपर्क टूटा

Sun, 18 Aug 2019 12:43 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 6
बाढ़ के पानी में डूबा सूचना बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
यमुना के जलस्तर में लगातार तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए यमुना किनारे आठ चौकी बना दी गई हैं, उन पर कर्मचारी भी तैनात कर दिए गए हैं। वहीं कोटा बैराज से छोडे़ गए 1.62 लाख क्यूसेक पानी के कारण बाह में चंबल नदी उफान के बाद खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। इससे बाह के छह गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
विज्ञापन

2 of 6
यमुना में तेजी से बढ़ रहा जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को यमुना का जलस्तर 486 फुट के आंकड़े को पार कर दिया। यमुना के दोनों किनारों तक पानी पहुंच गया है। एसडीएम सदर अभिषेक कुमार ने बताया कि कैलाश मंदिर, अमर विहार पुलिस चौकी, पाईया घाट दयालबाग, बल्केश्वर घाट, तनौरानूरपु, समौगर, आगरा फोर्ट, करमना इनमें शामिल है।
विज्ञापन

3 of 6
उफान पर बह रही चंबल नदी - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान में भारी बारिश के कारण कोटा बैराज से छोड़ा गया 1.62 लाख क्यूसेक पानी बाह की सीमा में पहुंच गया था। इसके कारण 24 घंटे में चंबल का जलस्तर 7 मीटर बढ़कर 131 पर पहुंच गया है। चंबल में उफान से तटीय गांव हथकांत, उदयपुर खुर्द, कमौनी, झरनापुरा, जेबरा, पुरा शिवलाल, पुरा डाल, उमरैठापुरा, क्यौरी, रेहा आदि 34 गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। 

4 of 6
कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ के कारण बाह क्षेत्र के छह गांवों गुढ़ा, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा , मऊ की मढै़या, डगौरा का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। कई और गांवों में भी ऐसे ही हालात हैं। शनिवार दोपहर को एडीएम वित्त एवं राजस्व रमेश चंद्र, एसडीएम महेश प्रकाश गुप्ता, तहसीलदार हेमचन्द्र शर्मा ने प्रभावित गांवों का जायजा लिया।  
विज्ञापन

5 of 6
तेजी से बढ़ रहा चंबल नदी का जल स्तर - फोटो : अमर उजाला
चंबल नदी के उफान से प्रभावित लोगों को विस्थापित करने के लिए आठ बाढ़ चौकियां मंसुखपुरा, पिनाहट, उमरैठा, बासौनी, सिमराई, पुरा भगवान, खेड़ाराठौर और नंदगवां में गठित की गई है। इन चौकियों पर नदी किनारे के 38 गांवों के लोगों को जरूरत पड़ने पर विस्थापित किया जाएगा। चौकियां बनाने के लिए गांव के परिषदीय स्कूलों का अधिग्रहण किया गया है।   
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
अटेर किला के चारों ओर बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
चंबल नदी से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित एतिहासिक अटेर किला भी उफान के पानी से घिर गया है। 1664 में भदावर नरेश बदन सिंह ने इसका निर्माण कराया था। पानी से घिरने की वजह से अब यहां पर पर्यटक भी नही पहुंच पाएंगे। इतना ही नही अटेर घाट पर बन रहे पुल के पिलर भी पानी में डूब गए हैं। जिससे काम काज प्रभावित हो रहा है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें