डॉक्टर साहब...मेरे लाल को तेज बुखार है। डेंगू आस-पड़ोस में बच्चों की जिंदगी लील गया। मेरे कलेजे के टुकड़े को ठीक कर दो डॉक्टर साहब...। यह गुहार फिरोजाबाद के सौ शैय्या अस्पताल के गेट पर आंखों में आंसू लिए आई मां की थी। यहां शनिवार की सुबह कई महिलाएं बुखार से तपते बच्चों को गोद में लेकर पहुंचीं। उनका इलाज करने के लिए गुहार लगाई, लेकिन स्टाफ बीमार बच्चों को भर्ती करने में आनाकानी कर रहा था। किसी को भर्ती किया तो किसी को दवा देकर लौटा दिया।
भीम नगर में रहने वाली रिंकी देवी ने रोते हुए बताया कि बच्चे को तीन दिन से बुखार है। घर के पास क्लीनिक को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है। इलाज के लिए सौ शैय्या अस्पताल आई हूं तो सुरक्षा गार्ड ने अस्पताल से बाहर निकाल दिया है। कह रहे हैं 36 नंबर कमरे में जाओ। 36 नंबर कमरे में गए तो कह दिया कि सौ शैय्या में जाओ।