फिरोदाबाद के शिकोहाबाद में गंभीर रूप से झुलसे युवक अरुण कठेरिया के दादा का कहना है कि दोपहर में पांच लोग घर आए थे। खुशी के मामा ने भांजी के गायब होने की बात छिपाई थी। उन्होंने अरुण पर चोरी का आरोप लगाया था।
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अरुण और खुशी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोदाबाद के शिकोहाबाद में गंभीर रूप से झुलसे युवक अरुण कठेरिया के परिवार का भी पुलिस ने पक्ष लिया है। अरुण के परिजनों का दावा है कि खुशी के मामा ने शुरुआत में लड़की के गायब होने की बात छिपाई थी और उनके घर आकर अरुण पर चोरी का आरोप लगाया था।
अरुण के दादा मुरारीलाल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को खुशी के मामा अवनीश शर्मा पांच लोगों के साथ उनके मोहब्बत अहीर स्थित घर आए थे। उन्होंने यह नहीं कहा कि उनकी भांजी गायब है, बल्कि आरोप लगाया कि अरुण उनका कोई कीमती सामान चोरी करके भाग आया है।
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रसोई के भीतर रखे फ्रीज का टूटा हुआ गेट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अरुण शाम करीब 4 बजे नोएडा से घर पहुंचा
इस पर परिजनों ने कहा कि अरुण तो इंटर पास करने के बाद से नोएडा की कंपनी में नौकरी करता है, अगर वह कोई सामान लाया होगा तो वापस करा देंगे। इसके बाद वे वापस चले गए। उधर, अरुण शाम करीब 4 बजे सीधे नोएडा से शिकोहाबाद स्थित घर पहुंचा। इसके बाद वह मैनपुरी चौराहा स्थित अपने ताऊ सत्यपाल की परचून की दुकान पर गया।
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दरवाजा तोड़कर रेस्क्यू किए खुशी और अरुण गंभीर हालत में झुलसे हुए
- फोटो : पुलिस
ताऊ सत्यपाल ने बताया कि अरुण बिल्कुल सामान्य था, उसने घर या खुशी के बारे में कुछ नहीं बताया। थोड़ी देर रुकने के बाद उसने कहा, 'मेरा एक दोस्त चौराहे पर इंतजार कर रहा है, मैं उससे मिलने जा रहा हूं।' इसके बाद वह चला गया और रात को खबर आई कि उसने बंद मकान में खुशी के साथ आग लगा ली है।
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अरुण की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांच बहनों का इकलौता भाई है अरुण
अरुण के पिता धर्मपाल सिंह बर का काम करके घर चलाते हैं और मां सुमन देवी इस घटना से पूरी तरह टूट चुकी हैं। उन्होंने रोते हुए कहा कि उन्हें खुशी के साथ अरुण के रिश्ते की भनक तक नहीं थी। अरुण उनका इकलौता बेटा है, उसकी पांच बहनें हैं जिनमें से सिर्फ सबसे बड़ी बहन की शादी हुई है। बाकी चार बहनें और माता-पिता अब अरुण की जिंदगी के लिए दुआ कर रहे हैं।
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खुशी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
10 साल पहले हुई थी खुशी के पिता की मौत
खुशी के मामा अवनीश शर्मा ने बताया कि खुशी के पिता संजय शर्मा की मौत 10 साल पहले एक सड़क हादसे में हो गई थी। जीजा की मौत के बाद बहन ममता शर्मा अपने दो बच्चों (बेटी खुशी और 12 वर्षीय बेटे हर्ष) के साथ अकेली रह गई थी। इस हादसे के बाद ममता शर्मा का अपने बच्चों के साथ मैनपुरी स्थित मायके में आना-जाना बहुत बढ़ गया था और वह अधिकतर वहीं रहती थी।
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खुशी के घर के गेट पर ताला लगा होने के कारण बराबर के कमरे का गेट तोड़कर बचाने को पुलिस घर में घुसी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस को देख प्रेमी जोड़े ने पैर बांधकर लगाई आग
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में पकड़े जाने के डर से शुक्रवार रात मोहल्ला पड़ाव लाला की सराय गली-2 के एक बंद घर में प्रेमी जोड़े ने खुद को आग लगा ली। दोनों के पैर एक-दूसरे से बंधे थे। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से झुलस चुके युगल को आनन-फानन स्थानीय अस्पताल और वहां से एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा ले जाया गया। यहां प्रेमिका खुशी शर्मा (18) की मौत हो गई। प्रेमी अरुण कठेरिया (19) की हालत गंभीर है। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज से रेफर कराकर निजी अस्पताल ले गए हैं।
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सीओ शिकोहाबाद अमरीश कुमार व अन्य घटनास्थल पर शनिवाार सुबह पहुंचकर जांच करते हुए
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खुशी शिकोहाबाद के मोहल्ला पड़ाव लाला की सराय गली-2 में परिवार के साथ रहती थी। मैनपुरी के एक कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रही थी। कुछ समय पहले फेसबुक के जरिये उसकी दोस्ती घर से करीब 11 किलोमीटर दूर मोहल्ला मोहब्बत अहीर में रहने वाले अरुण कठेरिया से हुई थी। अरुण 12वीं तक पढ़ा है और नोएडा में काम करता है।
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जांच के लिए पहुंचे पुलिस अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन दिन पहले खुशी, मां ममता व 12 वर्षीय भाई हर्ष के साथ मैनपुरी के नगला पजाबा स्थित अपनी ननिहाल गई थी। शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे वह ननिहाल से यह कहकर निकली कि घर से कपड़े लेने शिकोहाबाद जा रही है। इसके बाद मोबाइल बंद आने पर मामा अवनीश उसकी तलाश में शिकोहाबाद पहुंचे तो वहां घर पर ताला लटका था। पूछने पर पड़ोसियों ने बताया कि खुशी को अरुण के साथ देखा था।
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जांच के लिए पहुंचे पुलिस अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रात 9:30 बजे के करीब मामा ने शिकोहाबाद थाने में अरुण के खिलाफ भांजी को बहलाकर ले जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की तो पता चला कि दोनों पड़ाव लाला की सराय गली-2 स्थित बंद घर के अंदर ही छिपे हैं।
जांच के लिए पहुंची पुलिस
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पुलिस मोहल्ले में पहुंची तो लोग भी जमा हो गए। इस बीच खुद को घिरता देख अरुण और खुशी ने रसोईघर में जाकर एक-दूसरे से अपने पैर बांध लिए और ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगा ली। खिड़की से लपटें और शोर सुनकर पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ा और जैसे-तैसे आग बुझाई। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों 75 प्रतिशत से अधिक झुलसे थे।