लॉकडाउन ने जिले के प्रमुख चूड़ी कारोबार को पूरी तरह से चौपट कर दिया। त्योहार नजदीक आते देख लंबे अरसे बाद फिर से सुहागनगरी की चूड़ी महिलाओं के हाथों में खनकती सुनाई देगी। छठ पूजन, दीपावली, करवा चौथ और सहालग आने के कारण पूरे देश की मंडियों से ऑर्डर मिलना शुरू हो गए हैं। आर्डर पर माल भेजने के लिए चूड़ी कारखानों में उत्पादन का पहिया तेजी से घूम रहा है। त्योहारी सीजन में पचास करोड़ से अधिक का चूड़ी कारोबार होने की उम्मीद है।
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चूड़ी कारोबार
- फोटो : अमर उजाला
आगामी अक्तूबर और नवंबर त्योहारी सीजन हैं। इन माह में छठ, दीपावली, करवा पर्व के साथ-साथ सहालग शुरू हो जाएंगे। लॉकडाउन में चार महीने तक कारखानों में चूड़ी उत्पादन पूरी तरह ठप रहा। रक्षाबंधन के बाद से अब चूड़ी बाजार में छाई खामोशी टूटने वाली है। बिहार में छठ पूजन का मुख्य पर्व मनाया जाता है।
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कारीगर द्वारा डिजाइन की गईं चूड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
सुहागनगरी की चूड़ियों की बिहार में इस पर्व पर बंपर डिमांड है। बिहार के शहरों की मंडी से विभिन्न रंगों की चूड़ी के लिए ऑर्डर मिलना शुरू हो गए हैं। करवा का पर्व पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल में धूमधाम से मनाया जाता है। करवा के लिए इन राज्यों में लाल रंग की चूड़ियों की डिमांड आने लगी है। दीपावली के साथ सहालग का सीजन दस्तक दे रहा है। इसके लिए भी चूड़ी बाजार में रंग-बिरंगी चूड़ियां तैयार हो रही हैं।
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चूड़ी बाजार
- फोटो : अमर उजाला
ट्रेनों का संचालन पूरी तरह न होने से परेशानी
छठ पर बिहार में चूड़ी की बंपर बिक्री होती है। बाजार में अब उठान दिखने लगा है लेकिन परेशानी यह भी है कि ट्रेनों का संचालन पूरी तरह न होने के कारण बाहर के व्यापारी यहां नहीं आ पा रहे हैं। व्हाट्सएप आदि पर डिजाइन भेज कर बाहर से आर्डर लिए जा रहे हैं। उमेश उपाध्याय, चूड़ी व्यवसायी
चूड़ी के सभी कारखानों में चल रहा है उत्पादन
कारखानों में उत्पादन का पहिया घूमने लगा है। पूरे देश से व्यापारियों को चूड़ी के आर्डर मिल रहे हैं इस कारण कारखानों में उत्पादन भीतेजी से किया जा रहा है। चूड़ी के लगभग सभी कारखाने इस समय चल रहे हैं। त्योहारी सीजन में अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। हनुमान प्रसाद गर्ग, निदेशक, द ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट (चूड़ी)