कृषि बिल विधेयक के विरोध में ग्वालियर रोड स्थित आगरा-धौलपुर बार्डर पर 44 घंटे धरना प्रदर्शन के बाद सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर संग 500 किसानों ने शुक्रवार शाम पांच बजे दिल्ली कूच किया। किसानों के डटे रहने से दोनों ओर ट्रैफिक जाम रहा। शुक्रवार दोपहर को एसएसपी बबलू कुमार और प्रभारी डीएम जे.रीभा ने मेधा पाटकर से बातचीत के बाद दिल्ली जाने की अनुमति दी। ये किसान बुधवार रात साढ़े आठ बजे से बैठे थे। इन्होंने विरोध प्रदर्शन को सत्याग्रह बताया। मेधा के समर्थन में कई संगठन और पूर्व सैनिक पहुंचे थे।
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सड़क पर किसानों संग प्रदर्शन करतीं मेधा पाटकर
- फोटो : अमर उजाला
मेधा ने कहा, गिरफ्तार करो या जाने दो
पुलिस अफसरों से मेधा पाटकर ने कहा कि उन्होंने गैर कानूनी तरीके से रोका गया है। या तो उनके खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए या फिर उन्हें दिल्ली जाने दिया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आवाज को दबाना चाहती है, लेकिन यह होगा नहीं।
बरैठा पुराना पुल से राजस्थान की ओर गुजारा गया ट्रैफिक
धरना प्रदर्शन से एनएच-3 (ग्वालियर रोड) पर जाम लग जाने के कारण वाहनों को बरैठा पुराना पुल से राजस्थान की ओर गुजारा गया। वहीं धौलपुर के लिए जाने वाले वाहनों को सैंया से खेरागढ़, नवाब का बसई होते हुए डायवर्ट किया गया। हल्के चार पहिया वाहनों को सैंया से लादूखेड़ा होते हुए मनिया के लिए गुजारा गया। धौलपुर से आने वाले वाहन भी हाईवे से बचते हुए लिंक रास्तों से गुजरे।
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लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लगाया जाम
- फोटो : अमर उजाला
भाकियू कार्यकर्ताओं ने लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लगाया जाम
सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर और किसानों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे के फतेहाबाद स्थित टोल प्लाजा पर जाम लगाया। बाद में अधिकारियों के समझाने पर कार्यकर्ताओं ने जाम खोल दिया। इस दौरान 10 मिनट तक आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जाम रहा।
किसानों के धरने में पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री अभिषेक मिश्रा
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं को धरने पर बैठा देखकर वहां से गुजर रहे उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मिश्रा भी किसानों से मिले और उनसे बात की। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री ने किसानों से फसलों के उचित मूल्य पर वार्ता की। पूर्व कैबिनेट मंत्री ने किसानों से कहा कि उत्तर प्रदेश और केंद्र की सरकार किसान विरोधी है। जानबूझकर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। थोड़ी देर रुकने के बाद पूर्व मंत्री अपने काफिले के साथ आगरा की ओर निकल गए।