आगरा में लैंड पार्सल योजना के तहत खतौनी से किसानों के नाम हटाए जाने और मुआवजा न मिलने के विरोध में सैकड़ों की तादाद में सोमवार को महिला-पुरुष मंडलायुक्त कार्यालय जुलूस निकालते हुए पहुंचे। यहां उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यालय परिसर में ही पंगत लगाकर किसानों ने खाना खाया
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किसानों को रोकने का प्रयास करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को रहन कलां और रायपुर मौजा के सैकड़ों किसान भाकियू भानू के मंडल अध्यक्ष विपिन यादव और जिलाध्यक्ष विपिन यादव के नेतृत्व में मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी किसानों को देख पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वो नहीं रुके।
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किसानों से बात करते एडीएम सिटी
- फोटो : अमर उजाला
किसानों ने कहा कि 20 दिसंबर 2018 को ही जिला प्रशासन को बताया जा चुका है कि उनके खतौनी में नाम बदल दिए गए हैं। मुआवजा अभी तक उन्हें मुहैया नहीं कराया गया है। बावजूद इसके अभी तक प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया है।
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विरोध प्रदर्शन करते किसान
- फोटो : अमर उजाला
किसानों ने कहा कि जब भी मिलने आए तो सिर्फ आश्वासन ही मिला। पूर्व में किया गया धरना प्रदर्शन सांसद रामशंकर कठेरिया के आश्वासन पर खत्म किया गया था, लेकिन आज तक चार गुना मुआवजा उन लोगों को नहीं मिल पाया है।
प्रदर्शनकारी किसानों ने एक स्वर से कहा कि खतौनी में उनके नाम दर्ज किए जाएं। यदि ऐसा नहीं होता है तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान भूखे किसानों ने मंडलायुक्त कार्यालय परिसर में ही पंगत लगाकर भोजन ग्रहण किया।