फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मैनपुरी: सुसाइड नोट लिखकर हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ा किसान, अफसरों के हाथ-पांव फूले

Sat, 26 Dec 2020 07:38 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
विज्ञापन
1 of 6
टावर पर चढ़ा किसान - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी जिले के किशनी क्षेत्र में एक किसान ने ऐसा कदम उठा लिया, जिससे अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। फसल के नुकसान का मुआवजा न मिलने से आहत गांव उदयपुर निवासी किसान शनिवार की सुबह हाईटेंशन लाइन के टॉवर चढ़ गया। किसान ने एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिस पर तीन विभागीय अधिकारियों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। करीब ढाई घंटा तक अधिकारी उसे समझाते रहे। जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद किसान टावर से नीचे उतरा। 


विज्ञापन

2 of 6
किसान के खेत में लगाया गया है टावर - फोटो : अमर उजाला
थाना किशनी क्षेत्र में हापुड़-घाटमपुर पाड़ेसर विद्युत लाइन का कार्य चल रहा है। हाईटेंशन लाइन का टावर गांव निवासी किसान सुनील कुमार के खेत में भी लगाया गया है। इसके चलते उसकी सरसों की फसल बर्बाद हो गई। टावर लगने के बाद उसने गेहूं की फसल की, लेकिन तार खींचे जाने के दौरान वह भी खराब होने लगी। 
विज्ञापन

3 of 6
हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ा किसान - फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि जब किसान ने विरोध किया तो विभागीय अधिकारियों ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। फसल की बर्बादी और मुआवजा न मिलने से आहत किसान ने खुदकुशी करने का फैसला कर लिया। शनिवार की सुबह उसने एक सुसाइड नोट लिखा, इसमें परियोजना प्रबंधक प्रकाश यादव, सहायक प्रबंधक समरेश डिंडा और इंजीनियर विनोद यादव को मौत का जिम्मेदार बताया।

4 of 6
किसान को टावर पर चढ़ने से रोकती परिवार की महिला - फोटो : अमर उजाला
सुसाइट नोट लिखने के बाद सुबह करीब छह बजे सुनील हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया। जानकारी होने के बाद वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। अधिकारी और थाना पुलिस भी मौके पर आ गई। मुआवजा और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा किसान करीब ढाई घंटे तक टावर पर चढ़ा रहा। एसडीएम रामसकल मौर्य के आश्वासन पर वह नीचे उतर आया। 
विज्ञापन

5 of 6
टावर पर चढ़ा किसान - फोटो : अमर उजाला
किसान सुनील कार्रवाई के आश्वासन के बाद करीब ढाई घंटा बाद टावर से नीचे उतर आया। जब वह थाने में पहुंचा, तो वहां पर किसी पुलिसकर्मी ने उसे धमकाया। इसके बाद किसान फिर से गांव आया और दोबारा टावर चढ़ गया। किसान के दोबारा टावर पर चढ़ने की जानकारी मिलने के बाद अधिकारी पुलिस बल के साथ फिर से मौके पर पहुंच गए। इस बार किसान किसी की बात मानने को तैयार नहीं था। वह कूदकर जान देने की धमकी दे रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए किसान से बात की और उसे कार्रवाई और पूरा मुआवजा दिलाए जाने का भरोसा दिया। उससे कहा कि उसके खिलाफ भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बाद किसान टावर से नीचे उतरा।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
पीड़ित किसान सुनील कुमार - फोटो : अमर उजाला
टावर से उतरने के बाद किसान ने टावर लगाए जाने के कार्य में शामिल अधिकारियों पर घूस लेने का आरोप लगाया। उसका कहना था कि मुआवजे की पहली किस्त 26 हजार में से 10 हजार रुपये रिश्वत के ले लिए गए। दूसरी किस्त भी रिश्वत न मिलने के चलते रोक रखी है। उसकी सारी फसल को बर्बाद कर दिया गया। 

एसडीएम किशनी रामसकल मौर्य ने कहा कि किसान को फसल नुकसान का उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। किसान द्वारा आरोप लगाए गए हैं। उसकी जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें