आगरा में कोरोना वायरस के सामुदायिक संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी एहतियात बरत रहा है। शहर के उन इलाकों को सील कर दिया गया है, जहां एक से अधिक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज मिले हैं। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि कोरोना से बचना है तो इन इलाकों न जाएं। घर में रहें और लॉकडाउन का गंभीरता से पालन करें।
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रिजोर्ट में रखे गए जमाती
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में अब तक कोरोना संक्रमण के 53 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 31 जमाती हैं, जो दिल्ली से लौटे हैं। मार्च में संक्रमित पाए गए 12 लोगों में से आठ ठीक हो चुके हैं, जबकि अप्रैल माह के शुरुआती छह दिनों में मिले 41 मरीजों का इलाज सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) में चल रहा है। इनमें पांच लोग वो हैं, जो मरीजों के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं।
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जीवनी मंडी का क्षेत्र सील
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को जीवनी मंडी में तीन और जगदीशपुरा में एक कोरोना संक्रमित मिल जाने के बाद आसपास की बस्तियों को सील कर दिया गया। यहां 24 घंटे के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है। बैरियर लगाकर लोगों के बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। इनके अलावा शास्त्रीनगर क्षेत्र का एक ब्लॉक भी सील किया गया है। यहां पूर्व में मरीज मिल चुका है।
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लोहामंडी का क्षेत्र
- फोटो : अमर उजाला
मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने पर प्रशासन ने यह योजना बनाई है। जिस इलाके में संक्रमण मिल रहा है, उसे सील किया जा रहा है। इससे पूर्व मंटोला और आजमपाड़ा की छह बस्तियों को सील किया गया था। माइक से चेतावनी दी गई कि यदि कोई घर से बाहर निकला तो कार्रवाई की जाएगी। ये सभी बस्तियां उन मस्जिदों के आसपास की हैं जहां ठहरे जमाती कोरोना संक्रमित मिले हैं।
सोमवार को दो और मरीज मिले हैं। ये दोनों नामनेर स्थित एक अस्पताल संचालक चिकित्सक पिता-पुत्र के संपर्क में आए थे। इनके अस्पताल को प्रशासन पहले ही सील कर चुका है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने शहरवासियों से घरों में रहने की अपील की है। साथ ही कहा है कि नामनेर, कृष्णा विहार जीवनी मंडी, वली मंदिर मोहनपुरा और बाईपास के इलाकों में लोग बिल्कुल न जाएं। इन इलाकों में एक से अधिक मरीज मिले हैं।