ताजमहल
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भारतीय पुरात्व सर्वेक्षण (एएसआई) की साल 1935-36 की रिपोर्ट के अनुसार, ताजमहल को भूकंप का सबसे तेज झटका 15 जनवरी, 1934 को लगा था। इसमें मस्जिद के कई लाल पत्थर गिर गए। उस वक्त भी भूकंप का केंद्र नेपाल था और तीव्रता 8.3 आंकी गई थी। तब ताजमहल की मस्जिद की मरम्मत में 26,951 रुपये खर्च हुए थे। पांच साल पहले नेपाल में अप्रैल में आये 7.9 तीव्रता के भूकंप में ताज के कुछ पत्थर ही गिरे थे।