साइकलिंग के रोमांच को बढ़ाने और ईको टूरिज्म के प्रोत्साहन के लिए सपा सरकार में बना साइकिल हाईवे अतिक्रमण से घिर गया है। अधिकांश जगहों पर ग्रामीणों ने इस पर कब्जा कर लिया है। बाकी जगह मिट्टी और गंदगी में ढंक गया है। स्थिति यह है कि 133 करोड़ से अधिक लागत से बना ट्रैक ढूंढे नहीं मिल रहा। माल रोड किनारे लगभग दो किमी लंबे साइकिल ट्रैक पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत स्ट्रीट लाइट लगाने की तैयारी है। इसके लिए इसे जगह-जगह खोद दिया है।
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साइकिल ट्रैक का शिलान्यास पट
- फोटो : अमर उजाला
तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले 27 नवंबर 2016 को 207 किमी लंबे आगरा-इटावा लायन सफारी साइकिल हाईवे का उद्घाटन किया था। सपा सरकार के रहने तक इस पर खूब साइकिल दौड़ीं। लेकिन योगी सरकार में यह साइकिल हाईवे ग्रामीणों के निजी उपयोग में आ रहा है। यह साइकिल ट्रैक इटावा, प्रतापनेर, कचौरा होकर आगरा के जरार पक्षी विहार होते हुए बाह, फतेहाबाद के रास्ते ताजमहल तक है।
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माल रोड पर सड़क के नीचे दबा दिया गया साइकिल ट्रैक
- फोटो : अमर उजाला
माल रोड किनारे 1.33 करोड़ रुपया लागत से बने साइकिल ट्रैक पर फावड़ा चला दिया गया है। ट्रैक को तोड़कर इसके बीचोंबीच स्मार्ट सिटी योजना के तहत स्ट्रीट लाइटें लगाने की तैयारी है। माल रोड चौड़ीकरण के समय साइकिल ट्रैक के अधिकांश हिस्से को सड़क के नीचे दबा दिया गया है। काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इस पर अब टाइल्स लगाई जा रही हैं। अब यह साइकिल तो दूर पैदल चलने लायक भी नहीं है।
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साइकिल ट्रैक पर अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल के पास से शुरू हुए आगरा-इटावा साइकिल हाईवे पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर लिया है। इस पर वह उपले थाप रहे हैं। धांधुपुरा एसटीपी से लगभग एक किमी आगे से इस पर अतिक्रमण शुरू हो गया है।
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साइकिल ट्रैक पर अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
बुढ़ाना की तरफ जाने वाले इस साइकिल ट्रैक पर ग्रामीणों ने ईंटों के चट्टे और बालू के ढेर लगा दिए हैं। साइकिल ट्रैक पर जहां अतिक्रमण नहीं है, वहां मिट्टी में दब गया है।
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साइकिल ट्रैक पर अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
महल बादशाही गांव के पास ग्रामीणों ने साइकिल ट्रैक पर पशु बांधना शुरू कर दिया है। इससे ट्रैक पर आवागमन पूरी तरह से बाधित है। बुढ़ाना गांव निवासी अनिल ने बताया कि कई साल से इस ट्रैक के निरीक्षण के लिए कोई अधिकारी नहीं आया। अब तो दिखता ही नहीं है कि कोई बाइसकिल हाईवे हैं कहां।
जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने कहा कि बाइसकिल हाईवे पर अतिक्रमण की शिकायतें मिली हैं। तहसील टीम और पीडब्ल्यूडी के माध्यम से अतिक्रमण चिह्नित कर कार्रवाई कराई जाएगी।