आज विजयदशमी है। रावण के पुतले फूंके जाएंगे। बुराई हारेगी। अच्छाई जीतेगी। असत्य पर सत्य की विजय होगी। आगरा के लोग चाहते हैं कि शहर को उन समस्याओं से भी छुटकारा मिले जो लंबे समय से परेशान कर रही हैं। इन समस्याओं के दशानन का भी अब अंत होना चाहिए।
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विजयदशमी: समस्याओं के 'दशानन' से जूझ रही ताजनगरी, इनका भी होना चाहिए अंत
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WATER-CRISIS
पेयजल संकट
गर्मी में मांग के मुकाबले 50 फीसदी ही पानी मिल पाता है। एनजीटी ने भी कहा है कि ताजनगरी में पेयजल आपूर्ति की स्थिति खराब है। नेताओं के पास वादों की पोटली है। तारीख पर तारीख दिए जा रहे हैं लेकिन गंगाजल नहीं मुहैया करा पा रहे। बैराज का कुछ पता नहीं।
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मेरठ में गंदगी
- फोटो : अमर उजाला
कूड़ा करकट
नगर निगम में सरकार आती है चली जाती है। शहर को गंदगी से मुक्ति नहीं मिल पाती। ताज के शहर को कूड़ा करकट बदनाम कर रहा है। केंद्रीय मंत्री तक कह रहे हैं कि हालत खराब है। नगर निगम ने कुछ कदम उठाए हैं लेकिन ये ऊंट के मुंह में जीरा जैसे हैं।
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फाइल फोटो
नो एंट्री में ट्रक
पुलिस का जोर शहर को ट्रैफिक जाम से बचाने पर है। इसके लिए काम किए जा रहे हैं लेकिन नो एंट्री में ट्रकों की एंट्री बंद नहीं हो पा रही। छात्रा गार्गी की मौत के बाद भी आए दिन हादसे हो रहे हैं।
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पर्यटकों को परेशान करते लपके
- फोटो : अमर उजाला
बेलगाम लपके
पर्यटक आया और लपकों ने लपक लिया। कहीं चादर चढ़वाने के नाम पर 20 हजार ठग लिए तो कहीं मार्बल के ताज के नाम पर ईंट पत्थर बेच दिए। पुलिस के अभियान चलते हैं लेकिन लपके नहीं थमते। ताजमहल में कुछ राहत मिली है लेकिन फतेहपुर सीकरी में लपकागीरी जारी है।
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demo pic
बाइकर्स गैंग
कहीं पर्स लूट तो कहीं चेन लूट। बाइकर्स गैंग ने शहर की नाक में दम कर रखा है। आवास विकास, जयपुर हाउस, एमजी रोड, शास्त्रीपुरम, एत्माद्दौला में ज्यादा घटनाएं हैं। कई बदमाश पकड़े गए हैं लेकिन वारदात जारी हैं।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
हाईवे की सुस्ती
बीरबल की खिचड़ी, द्रौपदी का चीर जैसे मुहावरे पीछे छूट गए हैं। एनएचएआई ने एनएच-2 के चौड़ीकरण में सुस्ती के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। एक साल के काम में चार साल लग गए हैं। अभी भी कुछ पता नहीं, कब पूरा होगा।
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taj mahal
- फोटो : अमर उजाला
हवा में घुलता जहर
ताजनगरी में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। लोग बीमार हो रहे हैं। जो पहले से सांस के मरीज हैं, उनकी तकलीफ बढ़ रही है। ताज का नूर छिन रहा है। न कूड़ा जलना बंद हो रहा है न कोयले की भट्ठियां।
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खोये से बेसन और तेल तक में जबरदस्त मिलावट
- फोटो : अमर उजाला
मिलावटखोरी
दूध, घी, पनीर, तेल, धनिया, सरसों का तेल... मिलावटखोर कुछ नहीं छोड़ रहे हैं। एत्माद्दौला का छत्ता इलाका मिलावटखोरी और नकली सामान का सबसे बड़ा अड्डा बन गया है। तारकोल तक नकली बन रहा है।
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doctor
झोलाछाप
झोलछाप मरीजों की जान के दुश्मन बन गए हैं। छोटी दुकानों में नहीं, बड़े अस्पताल खोलकर बैठे हैं। तमाम अभियान के बावजूद इनका कुछ बिगड़ नहीं पा रहा। एक दुकान सील होती है तो नाम बदलकर दूसरी खोल लेते हैं।
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sports shimla
खेल सुविधाओं की कमी
खिलाड़ी हैं, प्रतिभा है, जज्बा है लेकिन स्टेडियम नहीं हैं। इसी तरह सैलानी हैं, हवाई जहाज के लिए यात्री हैं लेकिन एयरपोर्ट नहीं हैं। वादे हैं वादों का क्या, लेकिन जमीन पर काम नहीं हो पा रहा है।