आगरा के खेरागढ़ में बृहस्पतिवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दाैरान बड़ा हादसा हो गया था। खेरागढ़ क्षेत्र में उटंगन नदी में 13 लोग डूब गए थे। इनमें से एक को बचा लिया गया था। अब तक पांच के शव निकाले जा चुके हैं। सात लोगों का अब तक कुछ भी पता नहीं लग सका है।
आगरा में खेरागढ़ के गांव कुसियापुर में दशहरा पर बृहस्पतिवार को उटंगन नदी में देवी प्रतिमा विसर्जन करते डूबे 12 युवकों में से 2 और के शव शुक्रवार को निकाल लिए गए। घटना के 24 घंटे में 5 के ही शव बरामद किए जा सके। 7 और की तलाश के लिए 50 पैरा ब्रिगेड की यूनिट 411 पैरा फील्ड कंपनी को बुलाया गया।
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13 लोगों के डूबने पर विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाम को पोस्टमार्टम के बाद पांचों के शव गांव लाए गए। पुलिस अंतिम संस्कार कराना चाहती थी। मगर ग्रामीण सभी शवों के मिलने पर एक साथ अंतिम संस्कार पर अड़ गए। उन्होंने घटनास्थल के बाहर कंडे डालकर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस अधिकारी पहुंच गए। देर शाम लोगों को समझाकर शांत कर दिया।
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13 लोगों के डूबने पर विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बृहस्पतिवार दोपहर 1 बजे कुसियापुर के लोग देवी प्रतिमा विसर्जित करने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से बनाए गए कुंड से 300 मीटर की दूरी पर विसर्जन करने गए थे। गहरे पानी में जाने की वजह से गांव के विष्णु (20), ओमपाल (25), गगन (24), हरेश (20), अभिषेक (17), भगवती (22), ओकेश उर्फ ओके (16), सचिन (26), गजेंद्र (17), मनोज (14), वीनेश (18), करन (21) और दीपक (15) डूब गए थे। इनमें से विष्णु को तत्काल ही बचा लिया गया था। बाकी 12 का पता नहीं चल सका था। देर रात गगन, ओमपाल और मनोज के शव मिल गए थे। पुलिस प्रशासन ने राज्य आपदा मोचन दल की मदद से रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया था। रातभर तलाश के बाद भी अन्य किसी का पता नहीं चला।
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सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार सुबह 7 बजे ग्रामीणों ने जाम लगाकर हंगामा कर दिया। प्रशासन पर तलाश में लापरवाही का आरोप लगाया। इस पर एसीपी खेरागढ़ इमरान अहमद ने समझाया। 1 घंटे बाद लोग शांत हुए। बाद में एनडीआरएफ ने तलाश शुरू की। दोपहर 11.00 बजे भगवती प्रसाद और 12.15 बजे अभिषेक के शव मिल गए। बाद में पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी पहुंच गए। ढाई बजे सेना की 50 पैरा ब्रिगेड की यूनिट 411 पैरा फील्ड कंपनी के 19 सदस्यीय दल ने आपरेशन शुरू किया।
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ग्रामीणों ने लगाया जाम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हालांकि रात तकरीबन 8 बजे तक अन्य किसी का पता नहीं चल सका। उधर, शाम को गांव में पांचों के शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक सभी लोग नहीं मिलेंगे, तब तक किसी का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। आधा घंटे बाद एसीपी खेरागढ़ इमरान अहमद और अछनेरा गाैरव सिंह ने ग्रामीणों को समझाया। तब वो अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए।
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नदी किनारे जुटे ग्रामीण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीएम की गाड़ी का शीशा तोड़ा
उटंगन नदी में डूबे तलाशने के लिए रातभर अभियान चलाया गया। रात में डीएम के जाने के बार एसडीएम संदीप यादव मौके पर पहुंचे थे। शुक्रवार सुबह जब एसडीएम घटनास्थल से जाने लगे तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने हंगामा काटना शुरू कर दिया। उनकी गाड़ी को घेर लिया। ग्रामीणों का कहना था कि रातभर में भी पुलिस प्रशासन अब तक लापता लोगों को नहीं तलाश सका है।
एसडीएम की गाड़ी का तोड़ा शीशा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तलाशने का काम बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। इससे परिजनों का हाल बेहाल है। इससे गुस्साए लोगों ने एसडीएम की गाड़ी का शीशा पत्थर मारकर तोड़ दिया है। इसकी जानकारी पर नदी किनारे माैजूद पुलिसकर्मी पहुंच गए। उन्होंने लोगों को शांत कर भेज दिया।