ताजमहल का दीदार करने आगरा आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए। जमीन से आसमान तक कड़ी निगरानी रही। जमीन पर कमांडो तैनात थे, तो आसमान पर वायुसेना के रडार से नजर रखी गई। खेरिया एयरपोर्ट से ताजमहल तक के रूट पर ही नहीं, शहरभर में पुलिस फोर्स तैनात की गई।
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एटीएस कमांडो
- फोटो : Amar Ujala
भारतीय और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप को 20 आतंकी संगठनों से खतरा है। इसके मद्देनजर पूरे शहर में हाई अलर्ट किया गया। पुलिस एक सप्ताह से होटल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग कर रही थी। फ्लीट के रूट पर पड़ने वाले हर मोहल्लों में सत्यापन किया गया।
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एनएसजी कमांडो
- फोटो : Amar Ujala
ताज से खेरिया तक के पूरे इलाके पर दूरबीनों से नजर रखी गई। अमेरिकी सेटेलाइट की इमेज रिपोर्ट भी सुरक्षा एजेंसियों को दी गईं। 21 जगहों पर स्नाइपर तैनात किए गए। इनकी राइफल की रेंज दो किमी.तक है। ये दूरबीन से नजर रखते हैं। अमेरिकी एजेंसियों के अलवा एनएसजी ने भी अपने स्नाइपर तैनात किए।
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सुरक्षा बल के जवान
- फोटो : Amar Ujala
शहर के संवेदनशील 108 स्थानों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। ड्रोन कैमरों से कई इलाकों में नजर रखी गई। रात में भी फ्लीट की रिहर्सल के लिए काम होता रहा। अमेरिकी अफसरों ने फ्लीट के दोनों ओर कवच बनाया था। ट्रंप तो दूर उनके काफिले के नजदीक भी कोई नहीं जा सका।
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कंट्रोल रूम से निगरानी
- फोटो : Amar Ujala
खेरिया एयरपोर्ट से ताजमहल तक 15 जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। इनको लाइव कर दिया गया है। नगर निगम स्थित स्मार्ट सिटी के कंट्रोल रूम में फुटेज देखे गए। कंट्रोल रूम में एक्सपर्ट और पुलिसकर्मी रहे।
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दूरबीन से निगरानी करता पुलिसकर्मी
- फोटो : Amar Ujala
जिन पुलिसकर्मियों को रूफ टॉप ड्यूटी में लगाया गया। उन्हें वायरलेस सेट के साथ दूरबीन भी दी गई। इसके अलावा रूट पर पड़ने वाले अलग-अलग इलाकों और घरों में फोर्स लगाई गई।
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मेहताब बाग में बीएसएफ के जवान
- फोटो : Amar Ujala
ड्रोन को रोकने के लिए अलग से एनएसजी की एंट्री ड्रोन टीम रही। यह किसी तरह के ड्रोन को बेकार कर देती है। इसके अलावा 24 टीमें ताजमहल के आसपास वीडियोग्राफी के लिए लगाई गई।
एसपी सिटी बोत्रे प्रमोद रोहन ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। सुरक्षा में अर्धसैनिक बलों और सीआईएसएफ के जवान तैनात हैं। एनएसजी और एटीएस के कमांडो ने भी मोर्चा संभाल लिया है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के अफसर लगातार संपर्क में हैं।