चुनाव आयोग की ओर से निर्देश दिया गया था कि दिव्यांग और 80 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं का मतदान घर पर ही बैलट पेपर के माध्यम से कराया जाए। इसके बाद भी इनके मत घर पर नहीं डलवाए जा सके। आगरा में दिव्यांग और बुजुर्गों को बूथ तक पहुंचना पड़ा। 90 से 105 वर्ष के बुजुर्ग भी मतदान करने के लिए बूथों पर पहुंचे। आगरा के मंटोला में 105 वर्ष के इमामुद्दीन कुरैशी अपने परिजन के सहारे वोट डालने पहुंचे। गांव लड़ामदा मतदेय स्थल पर 93 वर्षीय मानदेई अपने नाती आशीष की गोद में मतदान करने आईं। वजीरपुरा स्थित प्राथमिक विद्याल में 90 वर्षीय हाजी लतीफद्दीन को गोद में उठाकर उनके परिजन पोलिंग बूथ पर पहुंचे। लिटिल बर्ड्स कान्वेंट स्कूल, टेढ़ी बगिया में महावीर नगर निवासी 95 वर्षीय बाबूलाल मतदान करने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके घर कोई मतदान करने के लिए नहीं आया था। मतदान की पर्ची जरूर पहुंच गई थी।