मोहब्बत की निशानी ताजमहल का दीदार करने लाखों सैलानी हर वर्ष आते हैं। लेकिन जरा सी लापरवाही ताजमहल की सुंदरता में ग्रहण लगा रही है। यहां की नहर में भरे पानी की सफाई न होने से अब इसमें मच्छर पनप रहे हैं। मंगलवार सुबह पर्यटक जब सेंट्रल टैंक पर फोटोग्राफी के लिए पहुंचे तो नहर में गंदगी देखी। यहां गंदा पानी जमा होने के साथ मच्छर पनप रहे थे। एएसआई कर्मचारियों से कई पर्यटकों ने नहर की सफाई कराने के लिए कहा। एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत स्वर्णकार के मुताबिक हर शुक्रवार को नहर और टैंक की सफाई कराई जाती है। इस बार उर्स के कारण शुक्रवार को ताज खोला गया था। सफाई का काम अब शुरू करा दिया गया है।
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ताजमहल को निहारते विदेशी सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
पहले इन फव्वारों की नहर और सेंट्रल टैंक के पानी में ताजमहल की परछाईं बेहद ही खूबसूरत लगती थी। लेकिन गंदगी के कारण अब परछाई भी धुंधली हो गई है। डायना सीट पर फोटोग्राफी कराने वाले पर्यटक इस गंदगी से हर दिन दो-चार हो रहे हैं।
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ताजमहल: पानी में पनप रहे मच्छर
- फोटो : अमर उजाला
सेंट्रल टैंक में गंदगी और मच्छर की भरमार
सेंट्रल टैंक और नहर में जिस तरह से गंदगी है, सैलानियों को यह अच्छा नहीं लग रहा है। पानी में मच्छर पनप गए हैं, जिनसे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया होने का भी डर है। सैलानियों का कहना है कि ताजमहल विश्व प्रसिद्ध स्मारक है। लेकिन यहां फव्वारे की नहर और सेंट्रल टैंक में गंदगी ताजमहल की खूबसूरती में दाग लगा रही है।
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तेज धूप में दमकता ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल देश के स्वच्छ पर्यटन स्थल की सूची से बाहर हो चुका है, इसके बाद भी अधिकारी लापरवाह हैं। ताजमहल के सेंट्रल टैंक और फव्वारों की नहर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, नहर और सेंट्रल टैंक में काई जम गई है। बता दें कि ताजमहल की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए रायल गेट से चमेली फर्श तक फव्वारे लगाए गए हैं और नहर बनाई गई है।
ताजमहल कोरोना संक्रमण के चलते पिछले वर्ष करीब 188 दिनों तक बंद रहा था। लॉकडाउन में ताजमहल की तस्वीर बदली हुई नजर आई थी। शहर में वाहन कम चले थे जिससे प्रदूषण कम हुआ था। वहीं यमुना नदी में पानी का स्तर भी अच्छा रहा था। लेकिन जैसे-जैसे पर्यटकों की संख्या बढ़ी और यमुना में पानी कम हुआ ताजमहल पर गंदगी का प्रभाव दिखाई देने लगा। हाल ही में हरे और काले रंग के धब्बे भी ताजमहल पर देखने को मिले थे।