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Ahoi Ashtami: मथुरा के राधाकुंड में उमड़ा आस्था का सैलाब, आधी रात से शुरू हुआ महास्नान, दीपों से जगमगाए घाट

Tue, 18 Oct 2022 12:17 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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राधाकुंड में उमड़ा आस्था का सैलाब - फोटो : अमर उजाला
मुख पर श्रीराधा का नाम। मन में कोई संतान सुख की चाह तो कोई मोक्ष प्राप्ति की कामना लेकर सोमवार को राधाकुंड में स्नान करने पहुंचा। ठीक रात 12 बजे श्रीराधा कृपा कटाक्ष के स्वरों के बीच महास्नान शुरू हुआ। इसके बाद आस्था रूपी संगम में डुबकी की होड़ लगने की होड़ मच गई। श्रीधाम राधाकुंड में श्रद्धा, भक्ति और विश्वास से जुड़े अहोई अष्टमी मेला के महास्नान में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। 
 
सोमवार की सुबह से ही कुंड के घाटों पर भीड़ दिखाई देने लगी और रात तक सैलाब उमड़ने लगा। रात 12 बजे महास्नान शुरू हो गया। कार्तिक नियम सेवा में ब्रजवास कर रहे देशी-विदेशी भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। दो साल कोरोना संक्रमण काल के कारण दूर रहे विदेशी भी इस बार महास्नान में शामिल हुए। 

मान्यता है कि अहोई अष्टमी पर्व पर रात में स्नान करने से निसंतान दंपतियों को संतान की प्राप्ति होती है। आस्था में मनोकामना पूरी होने के बाद भी श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। श्रीराधा-कृष्ण की लीला के प्रतीक इस कुंड में स्नान के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने गिरिराज जी की परिक्रमा करते हुए राधारानी कुंड पर पूजा अर्चना की। स्नान से पूर्व दीपदान किया गया। 
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राधाकुंड में श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

दीपदान कर मांगी मनोकामना 

अहोई अष्टमी पर्व पर रात में स्नान कर श्रद्धालुओं ने दीपदान किया। दीपदान कर मनोकामना पूर्ण होने के लिए मनौती मांगी। भक्तों ने जल रूप में विराजमान राधाकृष्ण के युगल स्वरूप की आराधना करते हुए दीपदान किया। दीनदान से राधाकुंड के घाट झिलमिल नजर आ रहे थे।

राधे की भक्ति में डूबे लोग

हाथ में माला-झोली तो मुख में राधा नाम लिए भक्तों ने राधाकुंड श्याम कुंड की परिक्रमा लगाई। हरिनाम संकीर्तन के बीच भक्तों की टोली उत्साह के साथ नाचते गाते हुए परिक्रमा लगा रही थी। श्रद्धालु राधे की भक्ति में डूबे नजर आए। 
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श्रद्धालुओं ने रखा निर्जला व्रत - फोटो : अमर उजाला

संतान की दीर्घायु की कामना के लिए रखा निर्जला व्रत

अहोई अष्टमी का पर्व संतान सुख से जुड़ा है। राधाकुंड में यह पर्व राधा-कृष्ण की भक्ति से जुड़ा माना जाता है। व्रत संतान की लंबी आयु और संतान प्राप्ति की मंशा से किया जाता है। महिलाओं ने संतान की लंबी आयु की कामना के साथ माता अहोई की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। भगवान शिव और माता पार्वती और उनके पुत्रों की भी पूजा की गई। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा और शाम के समय तारे देखने के बाद अर्घ्य दिया और व्रत का पारण किया।

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संतान प्राप्ति की आस लेकर पहुंचे दंपती - फोटो : अमर उजाला
राधाकुंड में हजारों दंपती संतान सुख की चाह में राधाकुंड अहोई अष्टमी स्नान करने पहुंचे। बड़ी संख्या में ऐसे भक्त भी पहुंचे जिनकी मनोकामना पूरी हो चुकी थी। कई भक्त राधाकुंड में स्नान के लिए प्रत्येक साल डुबकी लगाने पहुंचते हैं। दिल्ली से आए दीपक पत्नी निक्की के साथ पुत्र रत्न की प्राप्ति होने पर राधारानी की आभार के लिए राधाकुंड में डुबकी लगाई। 
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संतान प्राप्ति के बाद दंपती ने की पूजा - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा से आए अजय शर्मा ने बताया कि राधारानी की कृपा से उन्हें बच्चे हुए हैं। करनाल से आए सुनील शर्मा ने बताया कि राधारानी के सामने अरदास लगाने से कृपा पूरी हुई है। वे दस साल से स्नान करने आते हैं। दिल्ली से आये नितिन कुमार ने बताया कि वे पहली बार कुंड में स्नान करने आए हैं। उनको राधारानी की कृपा का पूरा भरोसा है।
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घाट पर जुटे विदेशी श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

विदेशों से भी पहुंचे श्रद्धालु

अहोई अष्टमी पर्व पर राधाकुंड में स्नान के लिए रविवार से भक्तों के आने का क्रम शुरू हो गया था। सोमवार को भी राधाकुंड में देश के कोने कोने से श्रद्धालु पहुंचे। विदेशी भक्तों ने भी डुबकी लगाई। रात में 12 बजे से स्नान करने वालों का तांता लग गया।  

सुरक्षा व्यवस्था के रहे पुख्ता इंतजाम 

मेले को संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के खास इंतजाम किए गए। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई। डीएम पुलकित खरे व एसएसपी अभिषेक यादव के दिशा-निर्देश पर मेला क्षेत्र को सेक्टर में बांट कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई। डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता व अन्य इंतजाम किए गए। 
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