सावन माह के तीसरे सोमवार को तीर्थराज बटेश्वर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कासगंज के सोरों से कांवड़ में गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिसर हर हर महादेव, बम बम भोले के जयकारों से गुंजायमान हो गए। यमुना घाटों पर केसरिया छटा बिखर गई।
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बटेश्वर में कांवड़िये
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को ही बटेश्वर में सैकड़ों शिवभक्तों ने डेरा डाल दिया था। सोमवार को भी कांवड़ियों के आने का सिलसिला जारी रहा। कंधे पर झूलती कांवड़ और पैरों में बजते घुंघरू के साथ 'हर हर बम बम' के जयघोष के साथ बटेश्वर पहुंच रहे कांवड़ियों की भक्ति देखते बन रही थी।
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शिव मंदिर में पूजा करतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
किवदंती है कि अज्ञातवास के दौरान पांडव कासगंज के सोरों से भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिए कांवड़ में गंगाजल भर कर लाए थे। यह किवदंती सावन के तीसरे सोमवार को भोलेनाथ के अभिषेक की परंपरा बन गई है।
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मंदिर के बाहर शिव भक्तों की कतारें
- फोटो : अमर उजाला
सैकड़ों साल पुरानी परंपरा के अनुसार हजारों कावड़िये गंगाजल लेकर बटेश्वर पहुंचे। सोमवार तड़के ही मंदिरों के बाहर लंबी शिवभक्तों की कतारें लग गईं। यमुना में स्नान के बाद भक्तों ने भगवान भोले का जलाभिषेक किया।
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तिरंगा सजी कांवड़ लेकर आए भक्त
- फोटो : अमर उजाला
शिवभक्त के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति भी देखने को मिल रहा है। कई श्रद्धालु राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा से सजी कांवड़ लेकर बटेश्वर पहुंचे। विभिन्न इलाकों से पहुंचे युवाओं ने हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए।
श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते यमुना घाटों पर पीएसी के गोताखोर तैनात रहे। यातायात को भी डायवर्ट किया गया है। कांवड़ियों को नौरंगी घाट से माल गोदाम के रास्ते जाना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं के वाहन खांद पर खड़े कराए गए, जहां मंदिर शृंखला तक कांवड़िय पैदल पहुंचे।