कहते हैं भगवान और भक्त के बीच भक्ति सेतु है। इसे जोड़ता है आस्था भाव, जिस प्रकार भक्त को सर्दी-गर्मी का एहसास होता है, उसी तरह भगवान को भी। इसी आस्था भाव की बानगी ब्रज में देखने को रही है। कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए भक्त जिस प्रकार अपने लिए इंतजाम करते हैं, उसी तरह भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन कर रहे हैं। मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में ठाकुरजी को ठंड न लग जाए, इसलिए उनके भोग में बदलाव किया गया है। ठाकुरजी के खानपान से लेकर उनके पहनावे में भी बदलाव आ गया है। आस्था भाव के अनुरूप भक्त भी अपने लाडले लड्डू गोपाल की सेवा कर रहे हैं।
गुरुवार को वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन करने पहुंची रेवाड़ी निवासी प्रिया और शिल्पी अपने गोपाल जी को भी साथ लेकर आईं। लड्डू गोपाल को कहीं ठंड न लग जाए, इसलिए उन्हें ऊनी वस्त्र पहनाकर लाईं। बांकेबिहारी के दर्शन के बाद लड्डू गोपाल को प्रसाद का भोग भी लगाया।