विलुप्त होती जा रही प्रजातियों के वन्य जीव अब गंगा नदी किनारे आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। पाड़ा (छोटा हिरण), काला हिरण (कृष्ण मृग) प्रजातियों के हिरणों के झुंड अब गंगा और भागीरथ वन की शोभा बढ़ा रहे हैं। इन हिरणों के झुंडों में शामिल नन्हे मुन्ने मेहमानों की अठखेलियां सबसे अधिक आकर्षक हैं। वन विभाग इनके संरक्षण की योजना तैयार कर रहा है। अपने विलक्षण सींगों से पहचान रखने वाले हिरण को बारहसिंघा कहते हैं, हालांकि इस प्रजाति के हिरण जिले में दिखाई नहीं दिए हैं। पाड़ा और काला हिरण के झुंड अब दिखने लगे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इन प्रजातियों के हिरण धीरे-धीरे विलुप्त होने लगे हैं। अब गंगा नदी के किनारे एक बड़े क्षेत्रफल में बने गंगा और भागीरथी वन में हिरणों की यह प्रजातियां दिखने लगी हैं। यहां की आबोहवा इन प्रजातियों के हिरणों को रास आने लगी है।