दीपोत्सव के नजदीक आते ही कुंभकारों के चाक की गति तेज हो गई है। वह सादा और डिजाइनर दीये बना रहे हैं। उनका कहना है कि सात महीने से धार्मिक और वैवाहिक आयोजन नहीं होने के कारण चाक थम गया था, लेकिन नवरात्र से उम्मीद जागी है। दिवाली के लिए काफी स्टॉक भी कर लिया है।
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करवाचौथ के लिए तैयार किए गए करवे
- फोटो : अमर उजाला
पंचकुइयां नाला स्थित बस्ती में इन दिनों चाक पर दीये, करवाचौथ के लिए करवे और अहोई अष्टमी के लिए मटकी बनाने का काम तेज गति से चल रहा है। पंचकुइयां के ओमप्रकाश बताते हैं कि कुम्हारों के सामने लॉकडाउन के बाद भी रोजी रोटी का संकट बना हुआ था, क्योंकि कोरोना संक्रमण के कारण वैवाहिक समारोहों में गिनती के लोग शिरकत कर रहे हैं।
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डिजाइनर दीये
- फोटो : अमर उजाला
धार्मिक आयोजनों पर सात माह से रोक लगी हुई है। ऐसे में मिट्टी के बर्तन, दीये, कुल्हड़ बिक ही नहीं पा रहे थे। अब दीपोत्सव से बहुत उम्मीदें हैं। इसके बाद सहालग भी शुरू हो रहे हैं।
इस बार ज्यादा बिकेंगे दीये
पंचकुइयां के कुंभकार गौरीशंकर ने बताया कि पहले तो नवरात्र से ही दीयों के ऑर्डर शुरू हो जाते थे, उम्मीद है कि इस बार पिछले साल की तुलना में ज्यादा लोग मिट्टी के दीयों से घरों को रोशन करेंगे।
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डिजाइनर दीये
- फोटो : अमर उजाला
डिजाइनर दीये बना रहे
कुंभकार ओमी प्रजापति ने कहा कि इस बार सादा दीप के अलावा डिजाइनर दीये भी तैयार कर रहे हैं। लॉकडाउन से ही रोजगार ठप था, अब उम्मीद जागी है कि त्योहारों पर कुछ कमाई हो जाएगी।
त्योहारी सीजन से है उम्मीद
कुंभकार लल्लूराम ने कहा कि हलवाई की दुकानों से लेकर शादी ब्याह तक बंद थे, ऐसे में बड़ी मुश्किल के दिन रहे। अब दीवाली पर काम मिला है। त्योहारी सीजन में इसके बढ़ने की उम्मीद है।