अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में गुरुवार को श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन दाऊदयाल महाविद्यालय में किया गया। जिले के 13 कॉलेजों के 25 प्रतिभागियों ने एक देश-एक चुनाव विषय पर पक्ष और विपक्ष में अपने विचार रखे। राजकीय महिला महाविद्यालय सिरसागंज की छात्रा फरहाना ने प्रथम स्थान हासिल किया। प्रथम, द्वितीय, तृतीय के अलावा दो प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
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वाद-विवाद प्रतियोगिता में शामिल अतिथि
- फोटो : अमर उजाला
प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसपी आरए राजेश कुमार, प्राचार्य डा. विनीता गुप्ता, साहित्यकार रामसनेहीलाल शर्मा यायावर ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर किया। मुख्य अतिथि मेयर नूतन राठौर ने विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार बांटे। अधिकांश प्रतिभागियों ने अलग-अलग चुनाव में प्रक्रिया से देश के विकास की प्रक्रिया धीमा होना बताया। अलग-अलग समय पर चुनाव में होने वाले धन खर्चे को देश की अर्थव्यवस्था के हिसाब से खराब बताया। विपक्ष में बोलते हुए प्रतियोगियों ने एक साथ चुनाव कराने की प्रक्रिया को लोकतंत्र का गला घोंटने के बराबर बताया।
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प्रतियोगिता की विजयी प्रतिभागी
- फोटो : अमर उजाला
प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त कर पांच हजार रुपये का इनाम हासिल करने वाली राजकीय इंटर कॉलेज की एमए की छात्रा फरहाना ने कहा कि राष्ट्रीय मुद्दे अलग होते हैं और क्षेत्रीय मुद्दे अलग होते हैं। केरल में सुनामी आती है तो बिहार में बाढ़। अगर चुनाव एक हो गया तो क्षेत्रीय मुद्दे खत्म हो जाएंगे। अगर क्षेत्रीय मुद्दों को खत्म करना है तो विधानसभा को ही भंग कर दो। दूसरा स्थान जीतकर तीन हजार रुपये जीतने वाली आरके की डीएलएड की छात्रा शिवांगी जैन ने कहा कि लोग कहते हैं अलग-अलग चुनाव से खर्च अधिक होता है। मगर लोकसभा चुनाव से जितने करोड़ की ईवीएम खरीदी। अगर चुनाव एक हो गया तो उससे अधिक खर्च करने पड़ेंगे। कहां खर्चा कम होगा।
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वाद-विवाद प्रतियोगिता में शामिल शिक्षक व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
तीसरा स्थान जीतकर दो हजार रुपये का पुरस्कार जीतने वाली दाऊदयाल की बीए की छात्रा अनुराधा गोयल ने कहा कि लोग कहते हैं कि एक देश में एक चुनाव होना चाहिए। मगर ऐसा होने पर नेताओं की मनमानी बढ़ जाएगी। चुनाव से छह महीने पहले सड़क और नौकरी का नंबर आता है। सांत्वना पुरस्कार में एक हजार रुपये जीतने वाली आरके कॉलेज के डीएलएड के छात्र मनमत जैन ने कहा कि अलग-अलग चुनाव कराकर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए जाते हैं। अगर इन चुनाव खर्च का चौथाई हिस्सा बिहार के अस्पतालों में लगा दिया होता तो सैकड़ों मां के आंसू नहीं निकलते। सांत्वना पुरस्कार में एक हजार रुपये जीतने वाली अमरदीप कॉलेज की बीएससी की छात्रा खुशी तिवारी ने अगर एक बार मतदान होगा तो अधिक से अधिक लोग मतदान करेंगे। जो बाहर रहते हैं, वो मतदान करने नहीं आते हैं। इससे हमारा वोटिंग प्रतिशत कम रहता है।
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वाद-विवाद प्रतियोगिता में शामिल अतिथि व विजेता छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
मेयर नूतन राठौर ने कहा कि वाद विवाद प्रतियोगिता का विषय काफी अच्छा और ज्वलंत चुना गया है। वैसे एक ही चुनाव होना राष्ट्रहित में है। लेकिन इस पर मत अलग-अलग हैं इसलिए पूरे देश का सर्वे होना चाहिए। एसपी देहात राजेश सिंह ने कहा कि प्रतिभागियों ने सुंदर विचार रखे। छात्राओं को कानून एवं सुरक्षा संबंधित चीजें भी जाननी चाहिए। छात्राएं अपराध को सहन न करें। बल्कि चुप्पी तोड़कर विरोध करें। दाऊदयाल महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. विनीता गुप्ता ने कहा कि अमर उजाला ने अच्छी प्रतियोगिता कराई। इस प्रतियोगिता से छात्र-छात्राओं के साथ उत्साहवर्धन हुआ और उनको मंच मिला। एसआरके के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. यूएस पांडेय ने कहा कि वाद-विवाद प्रतियोगिता में अंर्तमन के विचार होने चाहिए।
प्रतिभागियों ने पक्ष एवं विपक्ष पर अपने विचार रखे। बहुत सराहनीय रहे।
निर्णायक मंडल में एसआरके कॉलेज के हिंदी विषय के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. रामसनेहीलाल यायावर, एलआरके कॉलेज के समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष यूएस पांडेय, दाऊदयाल महिला महाविद्यालय की हिंदी की शिक्षिका अंजू गोयल शामिल रहीं। संचालन डा. माधवी सिंह ने किया। इस दौरान डा. निधि गुप्ता, डा. शालिनी सिंह, डा. नूतन राजपाल, डा. प्रेमलता, डा. निशा अग्रवाल आदि मौजूद रहे। खुशी तिवारी, महिमा पोरवाल, दीपांशी, उपासना चंदेल, फरहाना, रिषभ, मान सिंह यादव, शालिनी भारद्वाज, कौशिकी रावत, काजल, नितिन, ज्योति शर्मा, सपना शर्मा, अनुराधा गोयल, गरिम शंखवार, शबा, लाइवा, भुवनेश कुमार, अंकुर मिश्रा, सृष्टि जैन, खुशबू यादव, आरती शर्मा, शिवांगी जैन, मनमंत जैन, कामिनी गुप्ता, निलिमा शर्मा।