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आगरा: दो किमी नाला नहीं बनवा पाया प्रशासन, धरना देते-देते महिला की जान चली गई, लोगों में गम और गुस्सा

Mon, 03 Jan 2022 12:11 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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धरना स्थल पर हुई रानी देवी की मौत - फोटो : अमर उजाला
आगरा के धनौली में नाला निर्माण की मांग को लेकर धरने पर बैठी 49 वर्षीय महिला की मौत हो गई। धरना स्थल पर महिला की मौत होने से लोगों में गम और गुस्सा है। यही वजह है कि रविवार को जब महिला का शव पोस्टमार्टम के बाद धनौली पहुंचा तो लोगों ने शव सड़क पर रख कर जाम लगाने का प्रयास किया और हंगामा भी किया। 

सिरैली रोड स्थित विकास नगर में नाला निर्माण के लिए क्षेत्रीय लोगों का 13 अक्टूबर से धरना-प्रदर्शन चल रहा है। 49 वर्षीय रानी देवी भी धरने पर बैठी थीं। रविवार सुबह उसका पुत्र नीरज चाय देने धरना स्थल पर पहुंचा तो रानी देवी मृत मिली। महिला की मौत से सुबह स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। जिस नाले के लिए लड़ते-लड़ते रानी देवी जिंदगी की जंग हार गईं, उसका निर्माण न होने से छह साल से हजारों लोग परेशान हैं।   
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रानी देवी की मौत के बाद धरना स्थल पर जुटे लोग - फोटो : अमर उजाला
धनौली में नाला निर्माण ना होने से 2015 से समस्या बनी है। गंदे पानी की निकासी नहीं है, यह रास्तों पर भरा रहता है। गंदगी के कारण संक्रामक रोग फैलने का खतरा है। छह किमी लंबाई के इस नाले के निर्माण पर 49 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, जिसमें से चार किमी नाला बन चुका है। दो किमी लंबाई का नाला नहीं बन रहा है। इसी को लेकर धनौली के लोग 82 दिनों से धरना दे रहे हैं। 
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धरना स्थल पर बैठे ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल में भर्ती कराईं कीर्ति अम्मा 
धरना स्थल पर टेंट लगा है। जहां 82 दिन से हर वक्त कोई न कोई रहता है। मृतक रानी के पास सो रही कीर्ति अम्मा की भी रविवार को तबीयत बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। 85 वर्षीय कीर्ति अम्मा भी आंदोलन में शामिल है। नाला निर्माण के लिए 5 दिसंबर को कीर्ति अम्मा और चौ. प्रेम सिंह ने भूसमाधि की कोशिश की थी। तहसीलदार ने समाधि के लिए खोदे गए गड्ढे से दोनों को निकाला था। तब 24 घंटे में नाला निर्माण कराने का आश्वासन दिया था।  

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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
किराए के मकान में रहते थे मां-बेटे
मृतक के 25 वर्षीय पुत्र नीरज ने बताया कि मैं जूता का मजदूर हूं। मेरे पिता मिट्ठन लाल की 10 साल पहले मृत्यु हो गई। उसकी मां दो महीने से धरने में शामिल थी। रात को धरना स्थल पर ही सोती थी। मैंने कई बार वहां सोने से मना किया, लेकिन वो नहीं मानती थी। नीरज ने बताया कि धरना स्थल के पास ही एक हजार रुपये महीना किराए पर कमरा ले रखा है।
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पुलिस और प्रशासन के अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
पीड़िता के परिवार के बारे में जुटाई जानकारी 
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लक्ष्मी एन ने बताया कि महिला रानी के परिवार की आर्थिक स्थिति, जमीन आदि के बारे में लेखपाल से जानकारी इकट्ठा कराई जा रही है। इस संबंध में जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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महिला का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कच्चा नाला खोदा जा चुका
सदर तहसील की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लक्ष्मी एन. ने बताया कि सिरौली रोड पर आरसीसी सड़क निर्माण हो रहा है। जलभराव की समस्या अब नहीं है। कच्चा नाला भी खोदा जा चुका है। दो करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर आठ जनवरी को खुलेंगे। इसके बाद विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। 
 
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ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर लगाया जाम - फोटो : अमर उजाला
82 दिन से चल रहा धरना 
06 किमी लंबा है नाला 
04 किमी बन चुका, 02 किमी शेष 
49 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है 
27 करोड़ रुपये खर्च हो चुके 
22 करोड़ रुपये मिलने बाकी है 
02 करोड़ रुपये के टेंडर आठ जनवरी को होंगे 
2015 से नाला निर्माण ना होने से समस्या है  
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आगरा: प्रदर्शन करते स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
आंदोलन में अब तक ये हुआ 
- 13 अक्तूबर को शुरू हुआ धरना 
- अफसरों की बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। 
- सामूहिक मुंडन करके आंदोलन किया। 
- जनप्रतिनिधि की अर्थी निकाली और त्रियोदशी संस्कार किया  
- भूख हड़ताल की, दो लोगों ने भूसमाधि लेने की कोशिश की 
- मकान बिकाऊ के पोस्टर, चुनाव बहिष्कार का एलान किया 
- पांच दिन फिर से भूख हड़ताल चली, जो शुक्रवार को समाप्त हुई 
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