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पुलिस कस्टडी में व्यापारी की मौत: दिलों में गुस्सा, आंखों में आंसू...जुबां पर एक ही सवाल, आखिर क्या बिगाड़ा था

Sat, 08 Feb 2025 09:39 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

पुलिस कस्टडी में व्यापारी की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में हैं। पत्नी चंद्रकांता आंसू बहा रही है, तो वहीं बेटे का भी रो-रोकर बुरा हाल है। सवाल सिर्फ एक ही है कि केदार नाथ ने क्या बिगाड़ा था, जिसकी वजह से पुलिस ने उनकी बेरहमी से जान ले ली। 
 
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पुलिस कस्टडी में व्यापारी की मौत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा में ग्राम पंचायत बराैली गूजर का गांव गढ़ी हीसिया...। फतेहाबाद मार्ग से सात किलोमीटर की दूरी। खेतों के बीच बने रास्ते से निकलकर गांव में पहुंचते ही रह-रहकर महिलाओं का करुण क्रंदन सुनाई देने लगता है। आटा चक्की चलाने वाले केदार सिंह के घर के बाहर लोगों की भीड़ लगी थी। हर किसी के दिलों में जहां पुलिस के प्रति गुस्सा था, वहीं जुबां पर एक ही सवाल, आखिर केदार सिंह की पुलिस ने जान क्यों ले ली। घर की गैलरी में परिवार की महिलाएं बैठी हुई थीं। दीवार के सहारे पत्नी चंद्रकांता आंसू बहा रही थीं। 

अमर उजाला रिपोर्टर ने जब उनसे बात करने की कोशिश की तो वह फूट-फूटकर रोने लगीं। इस पर बेटी और बहू ने चुप किया। वह बोली कि पुलिस वालों ने पति को मार दिया। वह घर में बैठकर खाना खा रहे थे। तभी चार पुलिसवाले आए। 3 पीछे खड़े रहे, जबकि एक ने दरवाजे पर आकर केदार को साथ चलने के लिए बुला लिया। कहने लगे कि तुम्हें पुलिस चाैकी पर चलना होगा। कुछ बात करनी है। पति (केदार सिंह) समझ नहीं पाए। उन्होंने कारण भी पीछा, लेकिन कुछ नहीं बताया। उन्होंने अपने हाथ धोये।
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पुलिस कस्टडी में व्यापारी की मौत   - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस वाले उन्हें कपड़े भी नहीं पहनने दे रहे थे। मगर, पति ने किसी तरह कपड़े पहने और अपनी बाइक लेकर चल दिए।इस पर भी एक दरोगा बाइक पर बैठ गए। बेटे देवेंद्र को बुलाती, तब तक पुलिसकर्मी लेकर चले गए। वह पैदल पुलिस चाैकी कबीस पर आया। तब तक पति की जान ले ली गई थी। वह चाैकी में मृत पड़े हुए थे। पुलिसकर्मी उन्हें ऑटो में डालकर ले जा रहे थे। पूछने पर कुछ नहीं बताया। पति ने कभी पुलिस चाैकी और थाने का मुंह नहीं देखा। पुलिस ने उन्हें किस जुर्म में पकड़ा यह भी नहीं बताया। पुलिस ने उनकी दुनिया उजाड़ दी। अब कुछ भी नहीं बचा है। अब कैसे जी पाऊंगी, बच्चों का क्या होगा।
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पुलिस कस्टडी में व्यापारी की मौत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोगों ने क्या कहा
ब्रह्मचारी- (रिश्तेदार)-
पुलिस बेवजह ले गई थी, आज तक उनके खिलाफ एक भी केस नहीं था। पुलिस ने पीट-पीटकर मार डाला। उनके परिवार को आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।

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पुलिस कस्टडी में व्यापारी की मौत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विमल कुमार- (भतीजा)- बिना बताए पुलिस ताऊ को पकड़ कर ले गई। भाई चाैकी पहुंचा तब तक पुलिस ने उनको मार दिया था। परिवार पर पुलिस के कुछ लोग राजीनामा के लिए दबाव बना रहे हैं।
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पुलिस कस्टडी में व्यापारी की मौत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
 मुकेश कुमार-(ममेरा भाई)- जब पुलिस घर आई थी तब वो खाना खा रहे थे। जबरदस्ती पुलिस वाले उन्हें ले गए। उनके परिवार को आर्थिक मदद मिलनी चाहिए।
 
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राधा देवी और गौरा देवी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राधा देवी-(प्रत्यक्षदर्शी पड़ोसी) - हमारे सामने करीब दो बजे चार पुलिसकर्मी गाड़ी से आए थे। एक दरोगा उनके साथ मोटरसाइकिल से गया था। कुछ देर बाद ही सूचना मिली कि उनको मार दिया है। दोषी पुलिस वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

गाैरी देवी - (प्रत्यक्षदर्शी पुत्रवधु)- पुलिस वाले आते ही पूछ रहे थे कि केदार का घर काैन सा है तो खुद केदार ने ही उनको बताया था कि मैं ही केदार हूं। पुलिस वाले बोले जल्दी चाैकी चलो। एक दरोगा उनके साथ मोटरसाइकिल से गया था। थोड़ी देर बाद सूचना मिली कि उनको पुलिस ने मार दिया। चाैकी पहुंचे तो वहां से पुलिस वाले उन्हें टेंपो से ले गए थे।
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पुलिस कस्टडी में व्यापारी की मौत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांच किमी दायरे में तैनात रही फोर्स
पुलिस हिरासत में बृहस्पतिवार को केदार सिंह की माैत के बाद शुक्रवार को कुंडाैल से गांव गढ़ी हीसिया तक पुलिस बल तैनात रहा। कबीस पुलिस चाैकी पर जिले के आलाधिकारियों सहित पीएसी और सर्किल के थानों की पुलिस और पीएससी माैजूद रही। अधिकारियों के निर्देश के बाद सिपाही हर पहलू पर नजर बनाए हुए थे।
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