मथुरा के गोवर्धन में यूपी पुलिस से दरोगा ने ऐसी हरकत की, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। न कोई कानूनी कार्रवाई, न पोस्टमार्टम, गिरिराज तलहटी में दो टुकड़ों में मिले युवक के शव को दरोगा ने जमीन में दफन करा दिया। दरोगा ने इस कार्य को जिस सफाई कर्मी से ये कार्य कराया था, उसने ही राज खोल दिया। युवक के घरवालों को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने मामले में एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी ने इस मामले में दरोगा को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है।
यहां का है मामला
गोवर्धन में गिरिराज तलहटी से दो टुकड़ों में बरामद हुए रोहदास (19) पुत्र भगवान सिंह निवासी आन्यौर के शव के मामले में सनसनी खेज खुलासा हुआ है। युवक की मौत सुरंग में दम घुटने से नहीं, बल्कि साजिश के तहत हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार को घटना की जानकारी थाने के हल्का इंचार्ज दरोगा को हुई। उसने शव का पोस्टमार्टम कराने की जगह सफाई कर्मी बुलाकर गिरिराज तलहटी में अलग-अलग दो गड्ढों में दफन करा दिया। दो दिनों तक दारोगा ने थाने के इंस्पेक्टर तक को घटना की भनक नहीं लगने दी, लेकिन कुछ दिन बाद ही सफाई कर्मी ने ये राज खोल दिया।
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सफाई कर्मी के बताए गए स्थान पर पहुंची पुलिस टीम
- फोटो : अमर उजाला
सफाई कर्मी ने रविवार को आन्यौर के लोगों को इस मामले की जानकारी दी। सफाई कर्मी ग्रामीणों को घटना स्थल पर ले गया। इसकी भनक किसी तरह थानाध्यक्ष गोवर्धन को लग गई। थानाध्यक्ष नितिन कसाना पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे।
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यहीं दफनाया था युवक का शव
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने सफाई कर्मी के बताए स्थान से मृतक के शव के टुकड़ों को बरामद किया। शव की शिनाख्त रोहदास (19) पुत्र भगवान सिंह आन्यौर के रूप में हुई। शिनाख्त के उपरांत पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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दरोगा मनोज कुमार
- फोटो : अमर उजाला
देर रात इंस्पेक्टर नितिन कसाना ने सफाई कर्मी से पूछताछ की तो उसने हल्का दरोगा मनोज कुमार के कहने पर शव के टुकड़ों को मिट्टी में दबाने की बात स्वीकार की।
ये मामला एसएसपी अभिषेक यादव के संज्ञान में पहुंच गया। एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते दरोगा मनोज कुमार को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए रात में ही निलंबित कर प्रकरण की जांच के आदेश जारी किए हैं।