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आगरा: ताजगंज श्मशान घाट पर रात दो घंटे तक हुए अंतिम संस्कार, एक दिन में 33 शव पहुंचे

Thu, 22 Apr 2021 12:19 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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श्मशाम घाट पर विलाप करते मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला
आगरा के ताजगंज श्मशान घाट के विद्युत शवदाह गृह में रात दो बजे तक अंतिम संस्कार हुए। मंगलवार की रात तक 33 शव पहुंचे थे। सुबह शव लेकर पहुंचे परिजनों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। दोपहर दो बजे के बाद शवों की संख्या बढ़ गई। इस कारण एक घंटे की वेटिंग रही। जबकि शवदाह गृह की चारों भट्ठियों पर अंतिम संस्कार चलता रहा। इससे पूर्व सोमवार को 35 शवों का अंतिम संस्कार हुआ था। 
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ताजगंज विद्युत शवदाह गृह - फोटो : अमर उजाला
विद्युत शवदाह गृह के प्रभारी संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि कोशिश रहती है कि शवों के साथ आए परिजनों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर काफी खतरनाक है। शव आने की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि शवों आने की संख्या बढ़ने से क्षेत्र बजाजा कमेटी ने सेवादारों की संख्या में भी इजाफा कर दिया है। सुबह से टेक्नीशियन पहुंच जाते हैं। दूसरी तरफ लकड़ी की टाल पर मंगलवार की दोपहर तक सभी कुछ सुचारू रूप से चलता रहा। लोगों को लकड़ियां मिलने में कोई दिक्कत नहीं आई। दोपहर तीन बजे तक 13 शव पहुंचे थे।
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एक एंबुलेंस में रखे तीन शव - फोटो : अमर उजाला
सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) से एंबुलेंस ड्राइवर पंद्रह दिन पहले तक रोजाना औसतन दो शव ला रहे थे। इन दिनों कई एंबुलेंस ड्राइवर सात से लेकर दस शव ला रहे हैं। स्थिति इतनी खराब है कि एसएन मेडिकल कॉलेज से एक ही शव वाहन में पहुंचे तीन शव देख श्मशान घाट पर खड़े लोगों की आंखें भर आईं। एसएन मेडिकल कॉलेज से दोपहर दो बजे तीन शव लेकर पहुंचे एंबुलेंस ड्राइवर अजय कुमार शर्मा ने बताया कि एक से दो शव लाए जाते थे। कुछ दिनों से सात से दस शव रोज ला रहे हैं। 

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ताजगंज श्मशान घाट पर जलतीं चिताएं - फोटो : अमर उजाला
ताजगंज श्मशान घाट के विद्युत शवदाह गृह में सोमवार को अंतिम संस्कार के लिए पांच घंटे इंतजार करना पड़ा। शाम पांच बजे तक करीब 15 शव विद्युत शवदाह गृह के बाहर रखे थे। क्षेत्र बजाजा कमेटी के अनुसार, इनमें ऐसे लोगों के शव भी थे, जिनकी कोरोना से मौत हुई थी।
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ताजगंज श्मशान घाट पर खड़ीं एंबुलेंस और जमीन पर रखा शव - फोटो : अमर उजाला
विद्युत शवदाह गृह के प्रभारी ने बताया कि पहले जहां प्रतिदिन लगभग 17 शव आ रहे थे। आठ अप्रैल के बाद संख्या बढ़ी है, अब औसतन एक दिन 30-35 शव आ रहे हैं। मंगलवार को 33 शवों को अंतिम संस्कार किया गया। 
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