फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: बेटी ने तोड़ी रूढ़ियों की बेड़ियां, पिता की अर्थी को दिया कंधा, चिता को दी मुखाग्नि

Fri, 04 Jan 2019 06:10 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
विज्ञापन
1 of 5
पिता की चिता को मुखाग्नि देती बेटी - फोटो : अमर उजाला
कासगंज जिले में एक बेटी ने पिता की अर्थी को न सिर्फ कंधा दिया बल्कि चिता को मुखाग्नि देकर उन रूढ़ियों को तोड़ा है, जिन पर समाज सिर्फ बेटों का हक होने की दुहाई देता है। पिता की मौते होने पर बेटी ने न केवल परिवार की हिम्मत बंधायी बल्कि मृत्योपरांत किए जाने वाले क्रियाकर्मों को निभान का संकल्प भी लिया। 'अपराजिता नारी' का परिचय देने वाली इस बेटी के आत्मबल की क्षेत्रभर में चर्चा हो रही है। 
विज्ञापन

यूपी: बेटी ने तोड़ी रूढ़ियों की बेड़ियां, पिता की अर्थी को दिया कंधा, चिता को दी मुखाग्नि

2 of 5
बहादुर बेटी रेनू - फोटो : अमर उजाला
कस्बा अमांपुर के मोहल्ला किदवई नगर निवासी विजय साहू पुत्र श्यामलाल साहू की गुरुवार को विद्युत करंट से मौत हो गई। जब उनका पार्थिव शरीर अस्पताल से घर लाया गया तो आंसूओं के सैलाब में डूबी उनकी पत्नी रेखा की आंखें सिर्फ एक ही चिंता में घुली जा रहीं थीं कि अंतिम संस्कार की रस्में आखिर कौन पूरी करेगा? क्योंकि विजय साहू के कोई पुत्र नहीं है। उनके इकलौती संतान बेटी रेनू है, जिसकी शादी दो साल पहले पंजाब के अंबाला में हुई है। 
विज्ञापन

यूपी: बेटी ने तोड़ी रूढ़ियों की बेड़ियां, पिता की अर्थी को दिया कंधा, चिता को दी मुखाग्नि

3 of 5
बहादुर बेटी रेनू - फोटो : अमर उजाला
पिता की मौत की सूचना पर देर रात पुत्री रेनू अमांपुर पहुंची। अंतिम संस्कार की दुविधा में एकटक पति का पार्थिव शरीर निहार रही रेखा के कंधे पर हाथ रखकर बेटी रेनू ने ढांढस बंधाया और मां से कहा कि मैं हूं ना। मैं पूरी करूंगी अपने पिता के अंतिम संस्कार की रस्म। बेटी के इस साहसिक कदम से मां का आत्मविश्वास बढ़ गया। बेटी रेनू ने न केवल अर्थी को कंधा दिया, बल्कि शमशान घाट पर पिता की चिता को मुखाग्नि दी। 

यूपी: बेटी ने तोड़ी रूढ़ियों की बेड़ियां, पिता की अर्थी को दिया कंधा, चिता को दी मुखाग्नि

4 of 5
बेटी ने पिता की चिता को दी मुखाग्नि - फोटो : अमर उजाला
मृतक की बेटी रेनू ने बताया कि मेरे पिता ने मुझे आत्मविश्वास से जीने एवं हर परिस्थिति से लड़ने का जज्बा दिया। पिता ने कभी भी मेरे होते बेटे की कमी महसूस नहीं की। मैंने भी बेटा-बेटी एक समान होने का फर्ज  निभाया है। मृतक की पत्नी रेखा ने कहा कि बेटी ने जो हिम्मत और साहस दिखाया है। उससे आत्मबल मिला है। पति की कमी तो पूरी नहीं की जा सकती, लेकिन बेटी के इस कदम से हिम्मत मिली है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

यूपी: बेटी ने तोड़ी रूढ़ियों की बेड़ियां, पिता की अर्थी को दिया कंधा, चिता को दी मुखाग्नि

5 of 5
बेटी ने किया पिता का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
मृतक के भाई देवकी नंदन ने बताया कि पिता की आकस्मिक मृत्यु होने पर एक बेटी ने न केवल परिवार को हिम्मत बंधाई बल्कि मुत्योपरांत किए जाने वाले क्रियाकर्मों को निभाने का संकल्प लिया है। बेटी के इस कदम ने दुख की घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाया है। अमांपुर के राजपाल ने कहा कि बेटी और बेटा एक समान हैं। बेटी के इस कदम से एक नई मिसाल कायम हुई है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें